सहारनपुर। देवबंद स्थित महाकालेश्वर आश्रम के आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर महाराज ने शुक्रवार को साखन और बाबूपुर नगली गांव से हिंदू चौपाल का शंखनाद किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचने वाली इस चौपाल का उद्देश्य सामाजिक एकजुटता, नशामुक्ति, सनातन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों के बीच संवाद स्थापित करना है।
स्वामी दीपांकर महाराज ने बताया कि समाज को जातियों और अलग-अलग वर्गों में बंटने के बजाय सामाजिक चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करना होगा। चौपाल के चार प्रमुख बिंदुओं में सामाजिक एकजुटता, नशे के खिलाफ अभियान, सनातन के प्रति जागरूकता तथा पर्यावरण और संस्कृति का संरक्षण शामिल है।
चौपाल को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक जिले में 21 लोगों की टीम बनाई गई है। यह टीम बूथ और मंडल स्तर तक लोगों को जोड़ेगी। प्रत्येक जिले में 10 हिंदू चौपाल आयोजित की जाएंगी। इन चौपालों में किसी औपचारिक मंच या भाषण के बजाय सीधे संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी। लोगों को अपनी समस्याएं और विचार खुलकर रखने का अवसर दिया जाएगा।
अभियान के जरिये विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में लोगों के बीच ले जाने की बात कही गई है। साखन और बाबूपुर नगली गांव में चौपाल से इसकी शुरुआत की गई। ग्रामीणों के बीच जाकर उनके साथ संवाद किया गया।
स्वामी दीपांकर महाराज इससे पहले भी समाज को जोड़ने और सामाजिक जागरूकता के लिए यात्राएं निकाल चुके हैं। अब हिंदू चौपाल के माध्यम से इस अभियान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांवों तक विस्तार देने की तैयारी है।