सहारनपुर। थाना चिलकाना पुलिस ने आठ वर्षीय सरफराज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पिता की बेइज्जती का बदला लेने के लिए हत्याकांड को अंजाम देने वाले पड़ोसी मुस्तफा उर्फ कोबरा और उसकी मां जरीना निवासी चिलकाना को गिरफ्तार कर लिया है।
सरफराज के परिवार की वजह से डेढ़ साल पहले हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए हत्याकांड अंजाम दिया गया था। इसके बाद आरोपी मां-बेटा करीब 15 किमी दूर शव को बोरे में लेकर गए और रजबहे में फेंक दिया था।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 10 मई को सुल्तानपुर के मोहल्ला कोठीवाला निवासी पांचवीं कक्षा का छात्र सरफराज घर से खेलने गया था। इसके बाद वह नहीं लौटा। 11 मई को उसकी मां नगमा ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 12 मई को सरफराज का शव थाना बेहट क्षेत्र में घाघरौली गांव के पास रजबहे में मिला था।
परिजनों ने पड़ोसी मुस्तफा उर्फ कोबरा पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। बुधवार को पुलिस ने आरोपी मुस्तफा उर्फ कोबरा व उसकी मां जरीना को दुमझेड़ा की तरफ जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया। इनके पास से बैग, तकियों के कवर आदि सामान बरामद हुआ।
n इस तरह दिया था हत्याकांड को अंजाम : पुलिस पूछताछ में आरोपी मुस्तफा ने बताया कि डेढ़ साल पहले आरोपी मुस्तफा का पिता इकराम रात में सरफराज के घर में घुस गया था। इस मामले में पंचायत भी हुई थी। इससे उनकी काफी बेइज्ज्ती हुई थी। तभी से बेइज्जती का बदला लेने के लिए सोच रहे थे।
करीब छह महीने मुस्तफा के भाई उवैश ने यूनुस (मामा) के गांव सलेमपुर गदा में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसकी जानकारी नगमा के परिजनों ने ही दी थी।
10 मई को पता चला कि नगमा अपने देवर को लेकर लक्सर रिश्तेदारी में गई है। इसके बाद उन्होंने सरफराज को मारने की योजना बनाई। सरफराज घर के बाहर खेल रहा था। तभी मुस्तफा उसे मोबाइल दिखाने के बहाने अपने घर के अंदर ले गया। मुस्तफा की मां ने गेट पर नजर रखी। बेड पर मोबाइल दिखाते समय सरफराज का तौलिये से गला घोंट दिया।
फिर तकिया से मुंह दबा दिया। इसके बाद प्लास्टिक की बोरी में शव डालकर टेंपो में रखकर 15 किमी दूर सलेमपुर गदा ले गए, जहां पर सरफराज को रजबहे में फेंक दिया। किसी को शक न हो, इसके लिए कुछ दिन मामा के घर रुके। बैग को धो दिया। मृतक सरफराज की चप्पल व साफे को चूल्हे में जला दिया था।