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टपकती है कड़ियों की छत, डर के मारे सो नहीं पाते

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सहारनपुर। मकान की छत कड़ियों की है, जो बरसात में टपकती है। छत को गिरने से रोकने को बल्ली तक लगानी पड़ रही हैं, लेकिन छत गिरने का डर रात में चैन से सोने नहीं देता। यह पीड़ा है खेड़ा अफगान में रहने वाली रूबी के परिवार की, जो मदद के लिए ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन मदद नहीं हो रही।
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रूबी के ननदोई मनव्वर ने अमर उजाला को व्हाट्सएप के जरिये यह समस्या बताई और घर के हालात का वीडियो भी बनाकर भेजा। रूबी का कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। कमाई का कोई खास जरिया नहीं है, जिस कारण मकान की छत पक्की नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए कई बार ग्राम प्रधान से भी बात कर चुके हैं कि सरकार की किसी योजना के तहत उनके मकान को पक्का कराया जाए, लेकिन कोई सुन नहीं रहा है। रूबी ने बताया कि परिवार में चार छोटे बच्चे हैं, जिस कारण घर में रहने पर हर समय डर सताता रहता है। दो दिन पहले जब बरसात हुई तो, छत टपकने लगी और घर में पानी भर गया। इसके बाद बल्ली लगाकर छत को रोका, ताकि छत गिरने ना पाए। रूबी का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार अनेक लोगों को योजना के तहत आवास बनवाकर दे रही है, लेकिन ऐसी योजना का लाभ हमें नहीं मिल पाया है।
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