सहारनपुर। होली के त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके परिणामस्वरूप मिठाई, नमकीन, फूलों और कपड़े का कारोबार अच्छा है। बच्चों के लिए पिचकारी की दुकानें भी सज गई हैं। हालांकि रंग और गुलाल की मांग कम है।
28 मार्च को होलिका दहन होगा और 29 को रंग खेला जाएगा। इसको लेकर इन दिनों बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। हालांकि इस बार गुलाल और रंगों की बिक्री कम देखी जा रही है। मोरगंज के गुलाल के थोक कारोबारी सुनील गुप्ता ने बताया कि रंगों की मांग कम है। इन दिनों होली मिलन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें फूलों से होली खेली जा रही है। जोगियानपुल के फूल कारोबारी रईस और नईम अहमद ने बताया कि होली पर फूलों की बिक्री बढ़ी है। गैंदे और गुलाब के फूल की मांग ज्यादा है। पिछले दिनों की अपेक्षा कारोबार 30 फीसदी तक बढ़ा है।
इसके अतिरिक्त हलवाई अट्टा, घंटाघर, कोर्ट रोड, हकीकतनगर और नुमाइश कैंप समेत अन्य जगह मिठाइयों की दुकानों पर गुझिया और विशेष पकवान तैयार किए जा रहे हैं। गुंजिया 300 से 350 रुपये प्रतिकिलो बिक रही है। कोर्ट रोड के मिठाई कारोबारी प्रशांत नामदेव कहना है कि कारोबार अच्छा है। दाल मंडी पुल के नमकीन कारोबारी मनोज ठाकुर ने बताया कि होली को लेकर विभिन्न प्रकार की नमकीन की मांग है।
कुर्ता-पायजामा की बिक्री ज्यादा
चौकी सराय के कपड़ा कारोबारी रवींद्र चढ्डा का कहना है कि होली को लेकर कुर्ता-पायजामे की मांग ज्यादा है। सामान्य तौर पर 300 से 400 रुपये तक सूती कपड़े का कढ़ाई वाला कुर्ता पायजामा बिक रहा है। जिसे बच्चे और युवा खूब पसंद कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बुजुर्ग सफेद सादा कुर्ता पायजामा खरीद रहे हैं।
अलग-अलग तरह की पिचकारी
बाजारों में बच्चों को लुभाने के लिए अलग-अलग तरह की पिचकारी आई हैं। इनकी कीमत 30 से 150 रुपये तक हैं। इनमें मछली, कार्टून और पिस्तौल वाली पिचकारी भी शामिल हैं। कारोबारी राजेंद्र शर्मा बताया कि रंगों की अपेक्षा पिचकारी का कारोबार अच्छा है।