बेहट (सहारनपुर)। गांव रूहालका में एक विवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में छत के पंखे से लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ससुराल एवं मायके पक्ष के लोगों के पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के आग्रह पर पुलिस ने शव को लिखा पढ़ी के बाद उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।
कोतवाली बेहट क्षेत्र के गांव रूहालका में शनिवार की सुबह करीब छह बजे मुनेश (35) पत्नी सेठपाल का शव कमरे के अंदर छत के पंखे से लटका मिला। तीन दिन से बेटी के पास रह रही दबकौरा गांव निवासी मृतका की मां संतोष ने बताया कि शुक्रवार की रात वह अपनी बेटी मुनेश व उसके तीन बच्चों अनु, तनु व आरव के साथ घर के आंगन में सो रही थी, जबकि उसका दामाद सेठपाल घेर में अपने पिता के पास जाकर सो गया। सुबह जब उसकी आंख खुली तो मुनेश अपने बिस्तर पर नहीं थी। उसने उसे आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर जब वह कमरे की तरफ गई, तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर आवाज लगाने के बाद भी मुनेश ने कोई जवाब नहीं दिया। संतोष की सूचना पर परिजन एवं पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उन्होंने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो मुनेश का शव छत के पंखे पर चुनरी से लटका हुआ था। परिजनों ने शव को नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। सूचना मिलने पर दबकौरा से मृतका के मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए थे। मायके व ससुराल पक्ष के लोग इस मामले को आत्महत्या बता रहे है। उधर, पुलिस भी प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या ही मान रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद देव मिश्रा का कहना है कि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, मृतका के ससुराल एवं मायके पक्ष के लोग भी यहीं बता रहे है। आत्महत्या के कारण नहीं पता चल सका। मायके पक्ष के लोग किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते। उनके पोस्टमार्टम नहीं कराने के अनुरोध पर शव पंचायतनामा भरने के बाद उन्हें सौंप दिया गया है।