- शीर्ष नेृतत्व पर लगाा गुटबाजी को बढ़ावा देने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर। भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी, मंडल अध्यक्ष नीरज पहलवान और उपाध्यक्ष नवनीत सैनी ने समर्थकों सहित अपने पदों तथा यूनियन की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उधर देर शाम भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने मंडल और जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को संगठन तोड़ने तथा भ्रामक प्रचार करने का दोषी पाते हुए छह साल के लिए संगठन से निष्कासित करने की घोषणा की है।
शनिवार को गांव मुस्तापुर में भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नरेश स्वामी के निवास पर संगठन से पिछले कुछ समय से संतुष्ट चल रहे किसान नेताओं की बैठक हुई। इसमें नरेश स्वामी, मंडल अध्यक्ष नीरज पहलवान और उपाध्यक्ष नवनीत सैनी ने कहा कि संगठन एमएसपी पर अन्य किसान संगठनों की भांति मजबूती से नहीं लड़ पा रहा है। किसान हित को दरकिनार कर शीर्ष नेतृत्व भी गुटबाजी को बढ़ावा दे रहा है। ऐसे में संगठन में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। नरेश स्वामी ने बताया कि नौ ब्लाक अध्यक्षों, बेहट और देवबंद तहसील के अध्यक्षों तथा उपाध्यक्षों ने भी संगठन से इस्तीफा दिया है।
इस्तीफा देने वाले ब्लॉक अध्यक्षों में मोहम्मद अहकम, अनिरुद्ध राणा, लोकेश राणा, मांगेराम चौधरी और हिमांशु त्यागी तथा जिला उपाध्यक्ष सद्दाम त्यागी, साहब सिंह सैनी, रवि सैनी, पुनीत चौधरी, अनिरुध राणा और शेखर सिंह आदि शामिल रहे। भाकियू अराजनैतिक को अलविदा करने वाले किसान नेताओं ने अभी अपने अगले कदम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। उधर, भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश हरिनाम सिंह वर्मा ने नरेश स्वामी, नीरज पहलवान, पुनीत चौधरी और शेखर पर भ्रामक प्रचार करने के मामली में दोषी पाए जाने के कारण इनकी सदस्यता समाप्त कर संगठन से छह वर्ष के लिए निष्कासित करने का पत्र जारी किया है।