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कुछ क्षण के गुस्से में हो रहा रिश्तों का खून

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सहारनपुर। जिले में पहले भी ऐसी कई वारदात हो चुकी है, जब जरा-जरा बात पर गुस्से में अपनों ने ही अपनों को मौत के घाट उतार दिया। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुुसार कुछ क्षण का गुस्सा दिमाग पर हावी हो जाता है, जिस वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं, बाद में इन आरोपियों को पछतावा भी होता है।
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गांव मवी कलां में संदीप की उसके चचेरे भाइयों ने ही हत्या कर दी। जनपद में पहले भी ऐसे कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं, जब रिश्तों का कत्ल हुआ है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. ऐजाज अहमद और अमरजीत पोपली का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होना और रहन-सहन में बदलाव तथा व्यवहार में परिवर्तन आने की वजह से घातक पहलू सामने आ रहे हैं। नजदीकी रिश्तों में लगातार दूरियां बढ़ रही हैं। लोगों में सहनशीलता घट रही है। इसी वजह से अपनों की हत्या और आत्महत्या करने के मामले बढ़े हैं, जिन लोगों को जरा-जरा सी बात पर गुस्सा आता है, उनको इलाज और काउंसिलिंग की आवश्यकता है।
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रिश्तों के खून की प्रमुख वारदात
-- गंगोह के गांव फतेहपुर ढोल्ला में किशोर ने मोबाइल का लॉक न खोलने पर अपने बड़े भाई की हत्या कर शव जमीन में दबाया था।
-- जीपीओ रोड पर चार दिन पूर्व रेलवे के खलासी मोहन की हत्या उसकी पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर कर दी।
-- दो वर्ष पूर्व मोहल्ला छत्ता जंबूदास में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की तलवार से काटकर हत्या कर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या की थी।
-- खाताखेड़ी में अनैतिक संबंधों को लेकर गुस्साए दो भाइयों ने बहन की गर्दन रेतकर हत्या कर दी थी।
-- देहात कोतवाली के गांव नाजिरपुरा में एक व्यक्ति ने पत्नी व पुत्री को जहर देकर मारा था।
-- मानपुर थली में जमीन की रंजिश के चलते कुनबे के पांच लोगों की आपसी विवाद में हत्या हुई थी।
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