आरोप है कि दोनों बंदी रक्षक अनुसूचित जाति से है। इसलिए युवकों की पिटाई की गई है। पूर्व विधायक ने मामले में आरोपियों के खिलाफ डीजी जेल से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, आरोपियों के परिवार के सदस्य सलोचना, प्रदीप, विक्रम और प्रमोद ने जिलाधिकारी को पत्र देकर बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जांच बैठाई, निलंबित करने दिए आदेश
मैं लखनऊ हूं। मामला मेरे संज्ञान में है। प्रकरण की जांच बैठा दी गई है। जेलर द्वारा की गई अभी तक की जांच में सामने आया है कि बंदी रक्षक नरेश व कर्मवीर ने हमले के आरोपियों को धमकाया है, लेकिन मारपीट नहीं की। दोनों को निलंबित करने के आदेश दे दिए गए हैं। वह सहारनपुर पहुंचकर दोनों को निलंबित करने के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेंगी। पूरे मामले की हर बिंदु से जांच कराई जाएगी।
- अमिता दुबे, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, जिला कारागार
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