सहारनपुर। बहुत दुखी हूं इसलिए आज कोई प्रस्ताव नहीं लाया हूं। धन्यवाद महापौर साहब, बीते साढ़े चार साल में जितने भी प्रस्ताव मैने रखे नहीं माने गए और इसके लिए आप जिम्मेदार हैं। बहुत बेइज्जती हो चुकी है। वैसे तो यह आखिरी बैठक है, लेकिन यदि बाद में किसी बैठक में बुलाया जाता है तो मैं बिल्कुल नहीं बोलूंगा, न ही कोई प्रस्ताव रखूंगा। शुक्रवार को बजट को लेकर जनमंच में हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में भाजपा पार्षद पुनीत चौहान ने कुछ ऐसे ही शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने ही नहीं, भाजपा के अन्य पार्षद भी बीते साढ़े चार साल के बोर्ड से नाखुश नजर आए और अपनी बात रखी। करीब तीन घंटा चली बैठक में दो घंटे इसी तरह की शिकायतों में बीत गए।
बोर्ड की बैठक पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे शुरू हुई। सबसे पहले भाजपा पार्षद आशुतोष सहगल ने कहा कि यह बोर्ड की अंतिम बैठक है, लेकिन पूर्व की बैठकों में उनके द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर अभी तक काम नहीं हुआ है। डीजल घोटाले, सीवर की ठेका, कंपनी से किराया नहीं वसूलने, एक मोबाइल नेटवर्क कंपनी द्वारा शहर में जबरन खंभे गाड़कर लाइनें खींचने सहित कई शिकायतें की गईं, जिनमें जांच समितियां बनी, लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। उन्होंने निगम परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित नहीं होने की भी निंदा की। भाजपा पार्षद मुकेश गक्कड़ का कहना था कि बोर्ड की पावर कुछ नहीं है। यहां केवल प्रस्ताव पास होते हैं, जिनका परिणाम जीरो रहता है। निगम के पैसे से स्मार्ट सिटी को भवन बनाकर दे दिया गया है, लेकिन पार्षदों के बैठने के लिए कोई जगह नहीं है। इसके बाद भाजपा पार्षद पुनीत चौहान ने कहा कि वह बड़े दुखी हैं। कईं प्रस्ताव अभी तक दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। पिंकी गुप्ता ने भी पार्कों के सुंदरीकरण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। पार्षद ज्योति अग्रवाल ने चौराहे का सुंदरीकरण नहीं होने का मुद्दा रखा।
करीब दो घंटे की बैठक बीत जाने के बाद भाजपा पार्षद मोनिका ने कहा कि वह आज तक तीन प्रस्ताव दे चुकी हैं, लेकिन एक भी नहीं माना गया। उन्होंने हंसी हंसी में महापौर और नगरायुक्त की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठा दिए। साथ ही पुनीत चौहान द्वारा दो घंटे से मुंह पर कपड़ा बांधकर चुप बैठे रहने पर महापौर, नगरायुक्त, सदन प्रभारी और अन्य अधिकारियों को आड़े हाथ लिया। इसके बाद महापौर ने पुनीत से कपड़ा हटाने को कहा, जिसके बाद उन्होंने कपड़ा हटाकर अपनी बात रखी और फिर चुप की मुद्रा में चले गए। पार्षद मंसूर बदर ने जल कल में लीकेज के टेंडर का मुद्दा उठाया। पार्षद अनिल कुमार ने निगम परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की बात दोहराई। आरोप लगाया कि सदन प्रभारी दिनेश यादव सदन को गुमराह कर रहे हैं। महापौर ने 15 दिन के भीतर प्रतिमा लगाने के निर्देश दिए। अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने अपने वार्ड में सफाई कर्मचारियों की कमी होने की समस्या रखी, साथ ही पुल खुमरान से जोगियान पुल तक सड़क निर्माण की मांग की। पार्षद चंद्रजीत सिंह निक्कू ने अंबाला रोड पर शहीद साहबजादों की प्रतिमा लगाने के लिए निगम अधिकारियों से राष्ट्रीय राजमार्ग एथॉरिटी से एनओसी लेने के सुझाव पर जोर दिया। मानसिंह जैन, इमरान सैफी, कंचन धवन, गुलशेर, मो. शाहिद, डॉ. अहसान, मोहर सिंह, रमेश छाबड़ा, संजय गर्ग, भूरासिंह प्रजापति, रेखा रोहिला, विजय कालड़ा, नेपालसिंह, सुधीर पंवार आदि ने भी अपनी बात रखी।