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Saharanpur News: कंपनी बाग में संरक्षित हैं जिले के दस विरासत वृक्ष

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सहारनपुर। शासन ने विरासत वृक्ष योजना के तहत जनपद के दस पेड़ों को विरासत वृक्ष घोषित कर रखा है। है। सभी विरासत वृक्ष महानगर के कंपनी बाग परिसर में मौजूद हैं। इनमें 100 से 150 आयु के पेड़ शामिल हैं। यह सभी वृक्ष महानगर स्थित कंपनी बाग परिसर में लगे हैं।
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जनपद के दस विरासत वृक्ष
मैसूर बरगद : बरगद हमारा राष्ट्रीय वृक्ष है। कंपनी में बाग में लगे इस पेड़ की आयु करीब 140 साल है। इस वृक्ष को ब्रिटिशकाल में लगाया गया था।
पीपल : धार्मिक के साथ ही पीपल का औषधीय महत्व भी है। इस पेड़ को कंपनी बाग में लगभग 110 वर्ष पूर्व लगाया था। इसके पत्ते, फल, छाल सभी रोगनाशक हैं।
पिलखन : औषधीय महत्व के इस पेड़ की आयु करीब 150 वर्ष है। पिलखन के पत्तों का प्रयोग खाज-खुजली की रोकथाम के लिए किया जाता हैं।
महोगनी : कंपनी बाग में लगा महोगनी का पेड़ करीब 135 वर्ष पुराना है। इसकी लकड़ी उच्चगुणवत्ता की होती है, जिसका उपयोग फर्नीचर बनाने के लिए किया जाता है।
इमली : कंपनी बाग में इस पेड़ को करीब 115 वर्ष पूर्व लगाया गया था। इमली का इस्तेमाल औषधियों में भी होता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और आयरन होता है।
अर्जुन : इस पेड़ की आयु करीब 100 वर्ष है। इसकी छाल को उबालकर पीने से हृदय रोग और मोटापे से राहत मिलती है।
जामुन : कंपनी बाग में लगा यह पेड़ करीब 100 वर्ष पुराना है। जामुन के फल ह्दयरोग, मधुमेह, बवासीर जैसे रोगों में बहुत उपयोगी है।
महुआ : इस पेड़ की आयु भी करीब 100 वर्ष है। इसका फल एवं छाल अस्थमा, मधुमेह आदि के उपचार में उपयाेगी हैं।
साल : कंपनी बाग में लगे साल के इस पेड़ की आयु करीब 110 वर्ष है। इसकी लकड़ी कठोर, भारी, मजबूत होती है। जैन और बौद्ध धर्म के मतावलंबी इसे पवित्र मानते हैं।
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नीम: कंपनी बाग में लगे नीम के पेड़ की आयु करीब 100 वर्ष है। इसकी पत्तियों से लेकर बीज तक सब कुछ अत्यंत उपयोगी है।

वर्जन
दस विरासत वृक्ष कंपनी बाग में संरक्षित हैं। इन पेड़ों का ऐतिहासिक ऐतिहासिक महत्व है। सभी वृक्षों की आयु 100 वर्ष से अधिक है।
शुभम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग
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