सहारनपुर। अदालत ने दंगे के मामले में पंजाबी सिख महासभा के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बग्गा समेत दस आरोपियों को दोषमुक्त किया है। आरोपियों के ऊपर दंगा भड़काने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान लवली सिंह की मृत्यु हो गई थी। अभियोजन पक्ष सुनवाई के दौरान मामले को साबित करने में विफल रहा।
वादी एसआई अमर सिंह छह जनवरी 2008 को शांति व्यवस्था के तहत चेकिंग पर थे। इसी दौरान उन्होंने दोपहर करीब 3.20 बजे सूचना मिली की अंबाला रोड पर कुछ लोगों द्वारा बाइक आदि खड़ी कर सड़क को जाम कर दिया है। सूचना के बाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची। बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि वह गुरमीत राम रहीम सिंह के विरोध में जाम लगाया है। सभी ने कहा था कि जब तक सत्संग की अनुमति निरस्त नहीं होगी, तब तक जाम नहीं खुलेगा। पुलिस के समझाने के बाद भी जाम नहीं खोला गया। कुछ समय बाद शांतिपूर्वक जाम को हटा लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने पंजाबी सिख महासभा के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बग्गा, परमिंद्र सिंह, हरप्रीत सिंह, सिमरत सिंह, सतवंत सिंह, कुलवीर सिंह राणा, परमजीत सिंह उर्फ पम्मी, परविंद्र उर्फ कुक्कू, अरूणदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद मामले को अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहारनपुर की अदालत में जारी थी। पुलिस ने इस मामले में चार गवाह अदालत में पेश किए। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया है।