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मां शाकंभरी दरबार में टेका मत्था, खानकाह में लगाई हाजिरी

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मां शाकंभरी दरबार में टेका मत्था, खानकाह में लगाई हाजिरी
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प्रियंका गांधी ने 45 मिनट तक की पूजा, खानकाह में जियारत कर की अमन की दुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
बेहट/शाकंभरी (सहारनपुर)। चिलकाना में किसान पंचायत में शामिल होने से पहले प्रियंका गांधी ने आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दरबार में मत्था टेका और पूजा अर्चना की। उन्होंने इस्लामिक जगत से जुड़े एतिहासिक और धार्मिक स्थल खानकाह रहीमी रायेपुर में भी हाजिरी लगाकर देश में अमन चैन की दुआ की।
प्रियंका गांधी देहरादून से दोपहर करीब 12 बजकर 50 मिनट पर सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी पहुंची। यहां उन्होंने पहले बाबा भूरादेव मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और पूजा की। 1 बजकर 10 मिनट पर उनका काफिला मां शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचा। यहां उन्होंने मां के चरणों में मत्था टेका और प्रसाद चढ़ाने के बाद मां भगवती के सामने ध्यान लगाकर बैठ र्गइं। 45 मिनट तक यहां मंत्रोच्चारण के साथ उन्होंने मां भगवती का ध्यान किया। मंदिर के पुजारी पंडित गोपी किशन, आचार्य सत्येंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित विनय मिश्रा, पंडित राघव शर्मा, पंडित सुमित कौशिक, पंडित अंकुर भारद्वाज ने विधिवत पूजन कराया। इस दौरान मंदिर व्यवस्थापक दान आदित्य प्रताप एवं राणा सानिध्य प्रताप सिंह ने उन्हें मां शाकंभरी की कथा सुनाई।
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यहां से वह खानकाह रहीमी रायेपुर के लिए निकल गईं। 2 बजकर 41 मिनट पर वह खानकाह पहुंचीं। मुतवल्ली शाह अतीक अहमद से मिलीं। यहां उन्हें खानकाह की तरफ से मिठाई और बुके दिया गया। ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के जिलाध्यक्ष मौलाना डॉ. अब्दुल मालिक मुगीसी ने उन्हें मोमेंटो भेंट किया। इसके बाद वह खानकाह के हॉल में गईं और लोगों से हाथ जोड़कर प्रणाम करते हुए कहा कि वह यहां देश में अमन चैन की दुआ करने के लिए आई हैं। पांच मिनट बाद ही प्रियंका यहां से चिलकाना में आयोजित किसान पंचायत में शामिल होने के लिए निकल गईं। उनके साथ पूर्व विधायक इमरान मसूद, क्षेत्रीय विधायक नरेश सैनी, देहात सीट से विधायक मसूद अख्तर आदि मौजूद रहे।
हिंदू और मुस्लिमों को साधने की कोशिश
बेहट। प्रियंका गांधी के शाकंभरी देवी और खानकाह रायेपुर जाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रियंका ने हिंदू और मुस्लिम दोनों को साधने की कोशिश की।
गंगा और यमुना नदियों के दोआब में स्थित इन दोनों धार्मिक स्थलों से बड़ी तादाद में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की आस्था जुड़ी है। श्री शाकंभरी देवी वेस्ट यूपी का विख्यात सिद्धपीठ है, वहीं खानकाह रायेपुर भी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। जंग-ए-आजादी में खानकाह की अहम भूमिका रही है। यहीं से तहरीक ए रेशमी रुमाल चली थी।
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सियासी गलियारों में चर्चा रही कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए प्रियंका यहां पहुंचीं। मां शाकंभरी देवी मंदिर में 45 मिनट का लंबा समय पूजा में लगाया। खानकाह रायेपुर में जियारत की और दुआ कराई। चिलकाना में किसान पंचायत की शुरुआत भी उन्होंने माता शाकंभरी से की। उन्होंने मंच से मां शाकंभरी की कथा भी सुनाई। इसके पीछे उनकी मंशा हिंदू और मुस्लिम को किसान आंदोलन में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के साथ जोड़ने की रही।
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