खाने के कई सामान पर टैक्स नहीं लगाया जाता है और जीएसटी लागू होने के बाद कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है।
इसलिए अनाज की कीमतों में कोई बदलाव नहीं आएगा। लेकिन जब भी किसी खाने की वस्तु को ब्रांड के रूप में बनाया जाएगा तो उस पर टैक्स जरूर लगेगा। गेहूं पर टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन अगर आटे का इस्तेमाल बिस्कुट के लिए किया जाएगा तो उस पर पहले की तरह ही जीएसटी लगेगा।
राज्यों के बीच टैक्स दरों में फर्क ख़त्म होने के कारण अलग राज्य में गाड़ी रजिस्टर करके कम टैक्स देने की प्रथा भी अब ख़त्म हो जाएगी। इसके अलावा टेलीकॉम, रेस्टोरेंट में खाना, हवाई टिकट, अस्पताल, स्टॉक ब्रोक आदि पर टैक्स लगेगा।
टैक्स फ्री वस्तुएं
ताजा दूध, अनाज, ताजा फल, नमक, चावल, पापड़, रोटी, जानवरों का चारा, कंडोम, गर्भ निरोधक दवाएं, किताबें, जलावन की लकड़ी, चूड़ियां (गैर कीमती)।
पांच फीसदी कर
चाय, कॉफी, खाने का तेल ब्रांडेड, अनाज, सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज, ब्रांडेड पनीर, कोयला (400 रुपये प्रति टन लेवी के साथ), केरोसीन, घरेलू उपभोग के लिए एलपीजी, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट, ज्योमेट्री बॉक्स, कृत्रिम किडनी, हैंडपंप, लोहा, स्टील, लोहे की मिश्र धातुएं, तांबे के बर्तन झाड़ू।
12 फीसदी कर
ड्राई फ्रूट्स घी, मक्खन, नमकीन, मांस-मछली, दूध से बने ड्रिंक्स, फ्रोजेन मीट, बायो गैस, मोमबत्ती, एनेस्थेटिक्स, अगरबत्ती, दंत मंजन पाउडर, चश्मे के लेंस, बच्चों की ड्रॉइंग बुक कैलेंडर्स, एलपीजी स्टोवनट, बोल्ट, पेंच, ट्रैक्टर, साइकिल, एलईडी लाइट, खेल का सामान, आर्ट वर्क।
18 फीसदी कर
रिफाइंड, शुगर कंडेंस्ड मिल्क, प्रिजर्व्ड सब्जियां, बालों का तेल, साबुन, हेलमेट, नोटबुक, जैम, जेली, सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड, मिनरल वॉटर पेट्रोलियम जेली, पेट्रोलियम, कोक, टॉयलेट पेपर।
इन पर 28 फीसदी कर
मोटर कार, मोटर साइकिल, चॉकलेट, कोकोआ, बटर, फैट्स, ऑयल, पान मसाला, फ्ऱिज, परफ़्यूम, डियोड्रेंट, मेकअप का सामान, वॉल पुट्टी, दीवार के पेंट, टूथपेस्ट, शेविंग क्रीम, आफ्टर शेव, लिक्विड सोप, प्लास्टिक प्रोडक्ट, रबर टायर, चमड़े के बैग, मार्बल, ग्रेनाइट, प्लास्टर, माइका, टेम्पर्ड ग्लास, रेजर, डिश, वॉशिंग मशीन, मैनिक्योर, पैडिक्योर, पियानो, रिवॉल्वर।
टैक्स पंजीकरण के आंकड़े
प्रोविजनल आईडी ः 34626
इनरोलमेंट व्यापारी ः 7449
एक्टिवेट संस्थान ः 28186
लंबित मामले ः 6440
जीएसटी को लेकर हमारी तैयारी पूरी है। पिछले लंबे समय से अभियान चलाकर विभाग ने जागरूकता फैलाई। इसका परिणाम रहा कि बड़ी संख्या में जीएसटी में व्यापारी पंजीकृत हुए। सहारनपुर में इसे सफलतापूर्वक लागू कराया जा रहा है।
अनिल कुमार पाठक, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड--1