जीएसटी के विरोध मे बंद के दौरान खुले रहे बाजार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जीएसटी की विसंगतियों के विरोध में संयुक्त व्यापारी संघर्ष समिति द्वारा शुक्रवार को आहूत बंद पूरी तरह से बेअसर रहा। इक्का-दुक्का दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें खुली रही। विरोध कर रहे व्यापारियों ने घंटाघर पर धरना दिया। एक गाड़ी दिन भर बाजारों में घूम घूमकर व्यापारियों से बंद की अपील करती रही। हालांकि इसका व्यापारियों पर खास असर नहीं दिखाई दिया। शहर के सभी बाजार रोजाना की तरह खुले रहे।
शुक्रवार को जीएसटी की विसंगतियों के विरोध में किया गया बंद का आह्वान पूरी तरह से विफल साबित हुआ। घंटाघर पर जहां व्यापारी धरना दे रहे थे, वहां पर दो तीन दुकानों को छोड़कर शहर में बंद का असर दिखाई नहीं दिया। सभी दुकानें रोजमर्रा की तरह खुलीं और ग्राहक भी खरीदारी करते नजर आए।
संयुक्त व्यापारी संघर्ष समिति की एक गाड़ी में युवा व्यापारी नेता दिनभर बंद के समर्थन में दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते रहे। वे जीएसटी की विसंगतियों से होने वाले नुकसान को लेकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
लेकिन इसका व्यापारियों पर असर दिखाई नहीं दिया। शहर के घंटाघर पर दो तीन दुकानें ही बंद दिखाई दीं। इसके अलावा रायवाला , नेहरू मार्किट, लुहानी सराय, कोर्ट रोड, अंबाला रोड, देहरादून रोड, शहीदगंज, मोरगंज, प्रताप मार्किट, नखासा बाजार आदि शहर के प्रमुख बाजार खुले रहे। ज्यादा असर नहीं दिखा।