सहारनपुर। नगर निगम के कर अनुभाग ने फिर से असेसमेंट यानी निर्धारण रजिस्टर बनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए कंप्यूटर से असेसमेंट के प्रिंट निकालकर उनको बाइंड कराकर लिपिकों को दिया जा रहा है, जिससे कि वह उनको अपडेट कर सकें।
वर्ष 2015 तक सहारनपुर सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों में डिमांड और असेसमेंट रजिस्टर बनते थे। 2015 में कंप्यूटराज्ड करने का आदेश आया तो असेसमेंट रजिस्टर को स्कैन कर कंप्यूटर पर अपलोड कर दिया गया है। इसके बाद नगर निगम सहारनपुर ने रजिस्टर बनाना बंद कर दिया, जबकि कंप्यूटर पर रिकॉर्ड चढ़ता रहा। अब मुख्य नगर लेखा परीक्षक द्वारा ऑडिट में विशेष आपत्ति लगाई गई है। इसमें कहा गया है कि कर अनुभाग के पास कोई कानूनी दस्तावेज ही नहीं है, जिसके आधार पर कर लगाया जा रहा है।
अमर उजाला ने इस समस्या को 20 फरवरी के संस्करण में ‘’निगम की कर प्रणाली में गड़बड़झाला, ऑडिट में लगी आपत्ति’’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद कर अनुभाग ने असेसमेंट रजिस्टर बनाना शुरू कर दिया है।
इसके लिए कंप्यूटरराइज्ड डाटा से असेसमेंट के प्रिंट लेकर उनको बाइंड करके लिपिकों को दिया जा रहा है। उन्हें अपडेट करने के लिए कहा जा रहा है।