- 3184 टीबी के मरीज जिले में हैं, 30 नए मरीज सामने आए
- गंगोह क्षेत्र में ज्यादा मिलते हैं टीबी के मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। केंद्र सरकार ने 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, यह तभी संभव होगा जब लोग सावधानी बरतेंगे। क्योंकि अभी जिला पूरी तरह टीबी से मुक्त होता नजर नहीं आ रहा है। जिले में कुल 3155 टीबी मरीज हैं, जिनमें 30 नए मरीज संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान खोजे गए हैं।
आज विश्व क्षय रोग दिवस है। टीबी रोगी खोजने का अभियान भी चल रहा है, जो 31 मार्च तक चलेगा। इससे पहले दिसंबर और जनवरी में भी अभियान चला था। खास बात यही है कि इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को खुद भी सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि यह बीमारी लापरवाही के कारण ही बढ़ती है। सहारनपुर जिले में गंगोह क्षेत्र में टीबी के सर्वाधिक मरीज सामने आते रहे हैं। यमुना खादर क्षेत्र के गांव कुंडा कला सहित अन्य कई गांव ऐसे हैं जहां पर टीबी के मरीज ज्यादा हैं।
- ये भी हुए टीबी मुक्त करने को प्रयास
डेढ़ साल पूर्व ही स्वयंसेवी संस्थाओं ने टीबी से बीमार 18 वर्ष आयु तक के 176 मरीजों को गोद लिया था। संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भी टीबी रोगी खोजने और उनको नियमित उपचार से जोड़े जाने की कवायद की गई है।
- बीमारी के सामान्य लक्षण
- टीबी रोगियों के लिए आवश्यक सलाह
- तीन सप्ताह या अधिक समय से खांसी
- कभी-कभी थूक में खून आना
- बुखार, विशेषत:रात के समय
- वजन कम होना, भूख में कमी आना