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सिस्टम में सेंध लगा रहे संदिग्ध, सरकारी तंत्र बना मददगार

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सिस्टम में सेंध लगा रहे संदिग्ध, सरकारी तंत्र बना मददगार
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बांग्लादेशी भाइयों ने आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट तक बनवाया
सत्यापन में भी नहीं पकड़े गए, फर्जी दस्तावेजों ने सत्यापन करने वालों पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। आधार, पेन कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट। ये ऐसे दस्तावेज हैं जिन्हें तैयार करवाने में स्थायी नागरिकों को भी पसीने छूट जाते हैं और कार्यालयों व अफसरों के चक्कर काटने पड़ जाते हैं। नाम और पते में स्पेलिंग तक का अंतर हो तो पासपोर्ट नहीं बन पाता। लेकिन दूसरे देशों से कई संदिग्ध नागरिक न केवल यहां रह रहे हैं, बल्कि सिस्टम में सेंध लगाकर स्थायी नागरिक होने के दस्तावेज तक तैयार करवा रहे हैं।
बांग्लादेशी नागरिकों इकबाल और फारुख के मामले में भी यही हुआ है। पुलिस और खुफिया स्तर पर जांच शुरू होने के बावजूद पार्षद से लेकर अन्य अफसर फिलहाल इन नागरिकों के सत्यापन को लेकर खामोश हैं। लेकिन सच यही है कि सिस्टम की खामी के कारण ही हर बार संदिग्ध लोग देश में प्रवेश कर राष्ट्र को क्षति पहुंचाने के मंसूबों में शामिल होते रहे हैं। चुनाव में अधिक से अधिक वोट पाने की चाहत में बाहरी लोगों के भी वोट बनवाए जाते रहे हैं। सत्यापन में यह तक नहीं देखा जाता कि किसी नागरिक का मूल पता और वास्तविक स्थिति क्या है। इसलिए इन नागरिकों के मामले में भी पार्षद, स्थानीय पुलिस से लेकर एलआईयू में सत्यापन करने वालों तक की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।
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पश्चिम बंगाल से पकड़े गए, जेल गए और फिर रहने लगे
बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद इकबाल और फारुख वर्ष 2013 में अवैध रूप से प्रवास के मामले में पश्चिम बंगाल से पकड़े जा चुके हैं। दो साल जेल में भी रहे। फिर से सीमा पार आकर यहां जिले में बस गए। एटीएस और अन्य जांच टीमों के मुताबिक कुछ दलालों के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही वोटर कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट तक बनवाए। दस्तावेज बनवाने में स्थायी पता पश्चिम बंगाल बताते रहे। इकबाल की पत्नी रूबी ने किसी जनसेवा केंद्र की मदद लेने का जिक्र भी किया है। इसकी पड़ताल जारी है।
शाहिद इकबाल भट्टी मामले से भी नहीं लिया सबक
पाक जासूस शाहिद इकबाल भट्टी भी वर्षों तक यहां देवराज सहगल बनकर रहता रहा। यहां का राशन कार्ड और बैंक खाते तक खुलवा लिए। उसके दस्तावेजों को तैयार करने में भी अफसरों से लेकर पार्षद स्तर तक की भूमिका सवालों के घेरे में थी।
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संदिग्ध नागरिकों की जांच करवाएंगे : एसएसपी
एसएसपी डॉ. एस चनप्पा का कहना है कि जिले में रह रहे अन्य संदिग्ध नागरिकों की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए सभी थानों के साथ ही एलआईयू की टीमों को अलर्ट किया गया है। यदि किसी क्षेत्र में कोई व्यक्ति या समूह संदिग्ध मिलता है तो क्षेत्र के नागरिक भी उसकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।
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