देवबंद। वक्फ संशोधन कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गईं याचिकाओं पर बुधवार से सुनवाई शुरू हो गई है। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सुनवाई आरंभ होने पर कहा कि हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
वक्फ संशोधन कानून की कानूनी लड़ाई में सर्वोच्च न्यायालय में जमीयत की ओर से अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अपना पक्ष रखा। बुधवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि हमें पूरा यकीन है कि सर्वोच्च न्यायालय से मुसलमानों को न्याय जरूर मिलेगा। वर्तमान वक्फ कानून संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों के खिलाफ है और धार्मिक मामलों में दखलंदाजी करता है। उन्होंने कहा कि यह देश की एकता और अखंडता के लिए भी बेहद खतरनाक है।
मुसलमान अपने धार्मिक मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसका फायदा उठाकर सांप्रदायिक ताकतें देश की शांति और एकता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून ऐसे समय लाया गया है, जब मुल्क में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत की आंधी चल रही है, लेकिन हमें पूरा भरोसे है कि सुप्रीम कोर्ट से न्याय जरूर मिलेगा।