गांव भागूवाला में सूंडी के प्रकोप से प्रभावित मक्का की फसल
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शाकंभरी (सहारनपुर)। घाड़ क्षेत्र में मक्का की फसल में लगे सुंडी रोग ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चार से पांच बार कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करने के बाद भी रोग के प्रकोप में कोई कमी नहीं आ रही है। इससे किसान चिंतित हैं।
घाड़ क्षेत्र के गांव भागूवाला, नागल माफी, मिरगपुर पांजूवाला, रामपुर बड़कला, नौगांवा ग्राम समूह, मिर्जापुर, रायपुर, भुड्डी आदि गांवों के किसान मक्का की फसल उगाते हैं। गांव भागूवाला के किसान लाखन राणा ने 40 बीघा, बलराज सैनी ने 15 बीघा, पुरुषोतम राणा ने 40 बीघा, टीकाराम सैनी ने 22 बीघा मक्का की फसल लगाई हुई है। किसानों ने बताया कि मक्का में आया सुंडी का प्रकोप इससे पहले कभी इतने बड़े स्तर पर नहीं देखा गया है। उनका कहना है कि मक्का की फसल को लगाए हुए अभी एक माह ही हुआ है और वे कीटनाशक दवाइयों का चार से पांच बार छिड़काव कर चुके हैं। दवा छिड़काव के बाद एक बार सूंडी का प्रकोप कुछ समय के लिए कम होता है, बाद में फिर से बढ़कर मक्का की कोपलों को खाना शुरू कर देती है। फसल तैयार होने में अभी तीन माह का वक्त है। ऐसे में यदि इसी तरह लगातार कीटनाशक इस्तेमाल करना पड़ा तो फसल की लागत बेतहाशा बढ़ जाएगी।
किसानों ने कहा कृषि विभाग ने इस रोग से निपटने के लिए कोई उपाय नहीं किया है और ना ही कोई दवाई उपलब्ध कराई है। उधर, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी केके कुशवाहा ने बताया कि सरकारी दवा नहीं आ रही हैं। किसान बाजार से खरीदकर फुराड़ान, इगाव कीटनाशक का शाम को तीन बजे के बाद मक्का की गोभ में छिड़काव करें। इससे बीमारी खत्म हो जाएगी।
मक्का की फसल पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करता किसान- फोटो : SAHARANPUR