सहारनपुर। जनपद की गन्ना विकास समितियां गन्ना मूल्य भुगतान के लिए 402 किसानों को तलाश रही हैं। इन समितियों में गन्ना मूल्य के 13.52 लाख रुपये अनपेड खाते में हैं। गन्ना विभाग ने इन किसानों की जानकारी हासिल करने के लिए गन्ना पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी तय की है।
दरअसल, जिले में किसान बड़ी संख्या में शुगर मिलों में गन्ना सप्लाई करते हैं। चीनी मिल गन्ना विकास समितियों के माध्यम से किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान करती है। गन्ना मूल्य पहले गन्ना समितियों के खाते में जाता है वहां से संबंधित किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है। जनपद की पांच में से चार गन्ना समितियों में फिलहाल 402 किसानों के गन्ना मूल्य के 13.52 लाख रुपये अनपेड खाते में अवशेष हैं।
इसकी वजह इन किसानों के बैंक खाता संख्या गलत होना या किसान की मृत्यु होना आदि को माना जा रहा है। चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने वाले जिन किसानों का गन्ना समिति में बैंक खाता संख्या गलत दर्ज हो जाता है उन्हें गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो पाता। उनका गन्ना मूल्य गन्ना विकास समिति के खाते में ही रह जाता है, जिसे अनपेड गन्ना मूल्य कहा जाता है।
वर्जन
जनपद की गन्ना समितियों में 402 किसानों के 13.52 लाख रुपये अनपेड खाते में अवशेष है। इन किसानों को तलाशने के लिए गन्ना पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी लगाई गई है। उम्मीद है कि जल्द ही अनपेड धनराशि को संबंधित किसान या उनके वारिसों के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। - सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी
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- समितियों में अनपेड किसानों की स्थिति (धनराशि लाख में) -
गन्ना विकास समिति - किसान धनराशि
सहारनपुर - 331 - 8.75
सरसावा 00 - 0.00
नानौता - 25 - 3.77
बेहट - 34 - 0.28
देवबंद - 12 0.72
योग - 402 13.52