सहारनपुर में आरक्षण के विरोध में सोशल मीडिया पर किए गए कथित बंद का आह्वान जिले में बेअसर रहा। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बावजूद बाजार खुले रहे, लेकिन बाजारों में ग्राहक नजर नहीं आए।
पूरे दिन पुलिस इधर से उधर घूमती रही। मगर, कोई बंद समर्थक सामने नहीं आया। हालांकि, सोमवार को ही बंद ना होने की बात सामने आ गई थी, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कड़ी सुरक्षा की थी।
सोशल मीडिया पर आरक्षण के विरोध में दस अप्रैल को बंद का प्रचार हवा-हवाई साबित हुआ। मंगलवार को वैसे ही शहर में साप्ताहिक बंदी थी। शासन की सख्ती के चलते दो अप्रैल की तरह हिंसा ना होने देने के डर से पुलिस कई दिन से बंद समर्थकों के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी थी।
सोमवार शाम तक जो इनपुट आए थे, उससे साफ हो गया था कि बंद के समर्थन में कोई संगठन नहीं है। बावजूद इसके मंगलवार सुबह से ही पुलिस सक्रिय हो गई थी। महानगर में प्रमुख चौराहे घंटाघर, देहरादून चौक, जनकपुरी चौक, कलक्ट्रेट तिराहा, हसनपुर तिराहा, हकीकतनगर चौक, नकुड़ तिराहा, बेहट रोड, चिलकाना रोड, मल्हीपुर रोड सहित विभिन्न इलाकों में पुलिस, पीएसी, आरएएफ तैनात कर दी गई थी।
दोपहर बाद हुई मंगल बाजार में चहल-पहल
सहारनपुर। बंद के आह्वान पर सुबह के समय मंगलवार बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। ग्राहक दहशत के कारण घरों से नहीं निकले। अमूमन मंगल बाजार में हर सप्ताह भीड़ होती है। मगर, इस बार बाजार में ग्राहक नहीं दिखाई दिए। दोपहर बाद मंगल बाजार में थोड़ी देर के लिए चहल-पहल दिखाई दी।
बसें रही खाली, स्टेशन पर भी पसरा सन्नाटा
सहारनपुर। बंद के आह्वान की वजह से लोग यात्रा के लिए अपने घरों से नहीं निकले। अग्रसैन चौक स्थित रोडवेज बस स्टैंड और अंबाला रोड पर दिल्ली बस अड्डे पर बसें खाली पड़ी रही। लोगों में बंद को लेकर बवाल होने की आशंका थी। इसी के चलते लोग घरों से नहीं निकले। उधर, रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा पसरा रहा।