गंगोह (सहारनपुर)। आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में शोभित विश्वविद्यालय के विरासत यूनिवर्सिटी हेरीटेज सेंटर द्वारा विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत सहारनपुर की विरासत के चित्रों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
विश्वविद्यालय के प्रांगण में सहारनपुर की विरासत से साक्षात्कार शीर्षक से आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के केयर टेकर सूफी जहीर अख्तर और कुल सचिव डॉ महिपाल सिंह ने फीता काट कर किया। इसके बाद जनपद के विभिन्न स्कूलों और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से आए विद्यार्थियों ने चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विरासत यूनिवर्सिटी हेरिटेज रिसर्च सेंटर के समन्वयक राजीव उपाध्याय यायावर ने कहा कि चित्रों पर आधारित यह चित्र प्रदर्शनी जनपद के विद्यार्थियों के बीच स्थानीय संस्कृति के बीजारोपण का प्रयास है। विवि केयर टेकर सूफी जहीर अख्तर ने कहा कि हमारी जड़ें ही हमारी पहचान हैं, यह प्रयास जड़ों को सिंचित करने का प्रयास है।
कुल सचिव डॉ महीपाल सिंह ने कहा कि अपने इतिहास को जानना हमारे लिए उतना ही आवश्यक है जितना हमारे लिए हमारा अस्तित्व। स्कूल आफ एजूकेशन के विभागाध्यक्ष डॉ प्रशांत सांगवान ने कहा कि स्थानीय इतिहास को बचाना बेहद आवश्यक है। चित्र प्रदर्शनी में मां शाकंभरी देवी, दारूल उलूम, सरसावा का प्राचीन टीला, सौराना का टीला, पांडव वाला तालाब, रणदेवा का प्यारे जी महाराज का मंदिर, गंगोह का बाबा हरिदास का मंदिर, हजरत कुतबे आलम की दरगाह, सेंट थॉमस चर्च, सहारनपुर की जामा मस्जिद, रशीदिया मस्जिद, पटनी की बावड़ी, बरसी महादेव मंदिर, भूतेश्वर महादेव मंदिर, बागेश्वर महादेव मंदिर, कोटा के भित्ति चित्र, देवबंद के महाप्रभु हित हरिवंश मंदिर, शहीद स्मारण, गांधीपार्क, कम्पनी गार्डन, पुरातत्व से जुड़े अवशेष आदि अनेक चित्रों को प्रदर्शित किया गया। अरविंद शर्मा, डा तरूण शर्मा, डा दिव्या शर्मा, डा ओपी वर्मा, डा मदन कौशिक, डा एस के पाठक, डा जितेंद्र राणा, डा एस के गुप्ता, डा भारद्वाज, डा विनोद यादव, बलराम टोंक, जसबीर सिंह, गौरव मित्तल, विनोद राठी रहे।