फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान के छात्रों ने भी तिरंगा लेकर जयकारे लगाए

विज्ञापन
नकुड के बाधी में मानसी से बात करते भाजपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
नकुड़/गागलहेड़ी (सहारनपुर)। यूक्रेन के इवानो शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही छात्रा मानसी अपने घर गांव बाधी पहुंच गई। सतेंद्र सिंह की बेटी मानसी ने बताया कि उसे अन्य छात्रों के साथ बड़ी मुश्किलों का सामना करते हुए करीब बारह किलोमीटर पैदल चलकर बॉर्डर पार करना पड़ा। इस दौरान उनके सामने खाने पीने की बहुत दिक्कत आयी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचने के बाद भारत सरकार द्वारा किए गये इंतजाम तारीफ लायक थे। मानसी ने बताया कि जब वे भारत के झंडे लेकर चल रहे थे तो पाकिस्तानी छात्रों ने भी उनसे तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे लगाते हुए सफर पूरा किया। मानसी से मिलने उसके घर पहुंचे एसडीएम अजय कुमार अम्बष्ट, भाजपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी, पवन सिंह राठौर, नवीन चौधरी, राजपाल प्रधान, सजत सलेमपुर, सचिन चौधरी और विक्की आदि ने उसकी कुशल क्षेम जानी। गांव हरियाबांस निवासी आसिफ पुत्र अशरफ यूक्रेन से भारत आ गया। आसिफ के घर पहुंचते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। आसिफ ने बताया कि यूक्रेन में ओर ज्यादा बॉर्डर का मंजर काफी खतरनाक है। युक्रेन से बॉर्डर तक कई किलोमीटर तक पैदल चलकर पहुंचा। रास्ते में खाने पीने की भी काफी दिक्कत हुई। एटीएम पर भी लंबी लंबी लाइन थी। बमबारी और रूसी विमानों के ऊपर से गुजरने पर काफी डर लगता था। अब घर पहुंच कर सुकून मिल गया है।
विज्ञापन

दिल्ली पहुंचा बड़गांव का पीयूष और सरसावा का शशांक
बड़गांव/सरसावा। बड़गांव निवासी छात्र पीयूष राणा यूक्रेन से दिल्ली पहुंच गया है। उसने फोन पर बताया कि उसकी फ्लाइट मुंबई आई थी। जहां अन्य राज्यों के छात्रों को तो उनके प्रदेशों की सरकारों ने घर तक पहुंचने की व्यवस्था करा दी, लेकिन यूपी वालों की किसी ने सुध नहीं ली। इस पर उसके परिजनों ने पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर से अपनी परेशानी साझा की। पुंडीर ने यूपी के मुख्यमंत्री के ओएसडी को इससे अवगत कराया। इसके बाद यूपी सरकार ने दिल्ली तक के टिकट करा कर अपने छात्रों को प्लेन से बुलवा लिया। परिजनों ने बताया कि पीयूष अपने भाई के पास दिल्ली रुकेगा। उसके साथ ही घर आएगा। सरसावा निवासी डॉ. जितेंद्र चौहान का बेटा मेडिकल छात्र शशांक चौहान भी बृहस्पतिवार दुपहर बाद दिल्ली पहुंच गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर शशांक के पिता डॉ जितेंद्र चौहान, माता रेनू तथा बहन सेजल चौहान ने शशांक को देखकर गले लगा लिया।

मानसी से बात करते एसडीएम अजय कुमार अम्बष्ट- फोटो : SAHARANPUR

गागलहेड़ी में अपने परिजनों के साथ आसिफ(पीली शर्ट में)- फोटो : SAHARANPUR

दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर परिजनों के साथ शशांक चौहान- फोटो : SAHARANPUR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें