सहारनपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। हड़ताल से बच्चों और गर्भवती महिलाओं का नियमित टीकाकरण लड़खड़ा गया है। अब शासन के आदेश पर विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
जिले में 1500 से अधिक एनएचएम कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें डॉक्टर, सीएचओ, एएनएम, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ और शहरी केंद्रों पर एनएचएम के डॉक्टरों की तैनाती हैं। कई आयुष्मान आरोग्य मंदिर हड़ताल से बंद हैं। एएनएम पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण के जिम्मेदारी हैं। वह भी हड़ताल में शामिल हैं।
इनकी वजह से नियमित टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है। पिछले दिनों भी समीक्षा बैठक के दौरान नियमित टीकाकरण कम होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई थी। आशा कार्यकर्ताओं के कारण विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े ऑनलाइन पोर्टल पर सूचनाएं अपडेट करने का काम भी लंबित है। शासन ने हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही 500 से अधिक कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब मानदेय में कटौती की तैयारी चल रही है।
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आठवें दिन भी धरना जारी, आज चूड़ियां भेंट करेंगी आशा कार्यकर्ता
मानदेय बढ़ाने और स्थायी किए जाने की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहा। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि दो हजार मानदेय और 1500 रुपये अतिरिक्त मिलाकर 3500 रुपये दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि स्थायी कर्मचारी घोषित करने और 26 से 30 हजार तक मासिक मानदेय निर्धारित करने की मांग की। शुक्रवार यानी आज चूड़ियां भेंट करने की चेतावनी दी है। इस दौरान लता, ललतेश, मिथलेश, नेहा, भावना, पूनम, सुदेश, ममता, पिंकी, सुनीता, बोबी, प्रवीन, रविता, कविता, सीमा आदि रही।
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अधिकारियों से मिला प्रतिनिधिमंडल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष किशोर सैनी ने बताया कि नियमितीकरण, समान वेतन आदि मांगों को लेकर एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल आठ अक्तूबर से जारी है। जिले के एनएचएम कर्मचारी लखनऊ में धरना दे रहे हैं। धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी न हो जाए। अधिकारियों से रोजाना प्रतिनिधिमंडल मिल रहा है।
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में शासन को अवगत कराया जा चुका है। शासन से दिशा-निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी केंद्र पर मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
- डॉ. शेर सिंह कक्कड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी