- खटौली गांव में डेढ़ साल से बंद है जल निगम द्वारा बनाई जा रही टंकी का निर्माण
- आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत का जल निगम की तरफ से दिया जवाब
नागल। खटोली गांव में धरातल पर टंकी के सिर्फ पिलर तैयार हुए हैं, घरों में पाइप लाइन के कनेक्शन नहीं है, लेकिन जल निगम ने टंकी का काम 90 फीसदी पूरा दर्शा दिया और घरों में पानी की सप्लाई भी करा दी। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत पर जल निगम की तरफ से कुछ ऐसा ही जवाब दिया गया।
खटोली गांव में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत जल निगम की देखरेख में बाबा जेएस इंफ्रा (जेवी) कंपनी द्वारा टंकी निर्माण और पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था। पिछले डेढ़ वर्ष से यह कार्य बंद पड़ा है। अभी तक टंकी के पिलरों का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में गांव निवासी समाजसेवी मोनू त्यागी की तरफ से आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। इसमें आरोप लगाया कि कंपनी की तरफ से टंकी निर्माण के कार्य में अनियमितताएं बरती गई हैं। मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया पाइप डाले गए हैं। गांव की गलियों में पाइप लाइन बिछा दी गई, लेकिन घरों में टंकी के कनेक्शन नहीं हुए।
पोर्टल पर की गई शिकायत के जवाब में जल निगम की तरफ से बताया गया कि गांव में योजना का 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। ग्रामीणों के घर तक टंकी का फिटिंग हो चुकी है। पानी की टेस्टिंग भी कराई जा चुकी है। इस जवाब से हर कोई हैरान है। हकीकत यह है कि टंकी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। इतना ही नहीं बाउंड्री वाल का मुख्य गेट भी उखाड़ लिया है। पानी की कोई टेस्टिंग नहीं की गई है न ही एक भी ग्रामीण के घर आज तक पानी पहुंचा है।
दोबारा की जाएगी शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के जवाब देकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जा सकता है। धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है। पूरे मामले की दोबारा शिकायत कर जांच की मांग की जाएगी।
चार माह में हुए आठ लाख के विकास कार्य
गांव में अन्य विकास कार्यों की बात करें तो अप्रैल से लेकर अब तक करीब आठ लाख रुपये विकास कार्यों में खर्च हो चुके हैं। ई-स्वराज पोर्टल पर भी इसका ब्योरा दिया गया है। इसमें जुलाई माह में सीसी और नाली निर्माण के काम भी दिखाए गए हैं, लेकिन बिल के नाम पर कोरा कागज अपलोड किया गया है, जो गलत है।
वर्जन
जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत कार्य अधूरा है। अब तक किसी प्रकार की कोई टेस्टिंग नहीं हुई है। जल निगम द्वारा दी गई यह जानकारी आधी अधूरी है, जिससे गुमराह किया जा रहा है।
- अनुराधा, ग्राम प्रधान
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नागल के खटोली में अधर में लटका जल निगम की टंकी का निर्माण। संवाद