दो साल पहले सांप्रदायिक दंगे की वजह बने विवादित स्थल पर उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। न्यायाधिकरण ने प्रतिवादीगण द्वारा विवादित स्थल पर किसी तरह का निर्माण कार्य कराने की स्थिति में मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात भी कही है।
गुरुद्वारा रोड स्थित जमीन के विवादित भाग पर निर्माण कार्य को लेकर वर्ष 2014 में दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। पथराव और फायरिंग के बाद सांप्रदायिक दंगा हो गया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। शहर में अनेक दुकानों में आगजनी से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। देहात में भी दंगे का असर देखने को मिला था, जहां असामाजिक तत्वों ने एक-दूसरे की दुकानों को नुकसान पहुंचाया था।
शहर में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए कर्फयू लगा दिया गया था। मामले में उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण ने चार नवंबर 2016 को जारी आदेश जारी किया है, जिसमें विवादित स्थल के एक हिस्से को तथाकथित वक्फ संपत्ति बताते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। न्यायाधिकरण का मानना है कि यदि प्रतिवादी पक्ष की ओर से विवादित स्थल पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य कराया जाता है तो इससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं।