सहारनपुर। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में हुए स्टेशनरी घोटाले की जांच ठंडे बस्ते में है। एक महीने से ऊपर होने पर भी राजकीय मेडिकल कॉलेज की तरफ से घोटाले की मूल पत्रावलियां अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि तीन दिन का समय दिया था।
बता दें, कि अंबाला रोड स्थित शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज में नवंबर 2018 में करीब 51 लाख रुपये की स्टेशनरी और कंटीजेंसी के सामान खरीदने के ऑर्डर कर खरीद हुआ था। स्टेशनरी खरीद की जांच हुई तो पता चला कि लिफाफे से लेकर अन्य सामान कई गुना कीमत पर खरीदा गया। इस मामले की जांच के लिए शासन ने दोबारा एडी हेल्थ को नामित किया है और उनसे एक महीने में जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
एडी हेल्थ ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए दो इमरजेंसी मेडिकल अधिकारियों के बयान दर्ज किए थे। इसके साथ ही 13 जनवरी में राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर स्टेशनरी घोटाले से संबंधित मूल पत्रावलियां मांगी गई थी। कहा गया था कि तीन दिन के अंदर मूल पत्रावलियां उपलब्ध कराई, जो अभी तक भी नहीं आई है। एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है। मूल पत्रावलियां नहीं आने से जांच ठंडे बस्ते में है। शासन को जांच रिपोर्ट एक महीने में भेजनी थी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्टेशनरी खरीद मामले की जांच चल रही है। इस संबंध में स्टेशनरी खरीद से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं, जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। दोबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा।
- डॉ. रामानंद, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण