गागलहेड़ी। लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया पंचायत भवन देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। पंचायत द्वारा उपयोग में न लाए जाने के कारण यह भवन अब नशेड़ियाें की आरामगाह बन चुका है।
सहारनपुर-देहरादून रोड से करीब 100 मीटर अंदर गांव छजपुरा स्थित है। इसके पंचायत भवन का निर्माण गांव में न करके वर्ष 2022 में कैलाशपुर गांव के निकट सड़क किनारे बना दिया गया था। यह गांव से करीब एक किमी दूर और आबादी से काफी बाहर है। इसमें आज तक एक भी बैठक नहीं हुई है और न ही इसे उपयोग में लाया जा रहा है। देखरेख के अभाव में भवन के चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास जम गई है और परिसर में गंदा पानी भरा हुआ है। पंचायत भवन के अंदर जाने पर इसके सभी दरवाजे टूटे पड़े है। ग्राम प्रधान पक्ष, कंप्यूटर रूम, शौचालय आदि सभी अंदर से टूटे पड़े हैं। यह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। अब पंचायत भवन नशेड़ियों की शरणस्थली बन गया है। शाम ढलते ही यहां पियक्कड़ों की महफिल जमने लगती है। हैरत की बात है कि आज तक किसी अधिकारी ने भी इसकी सुध नहीं ली है।
ग्राम प्रधान बीना सैनी ने बताया कि भवन आबादी से काफी बाहर बना है। गांववासी वहां नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में पंचायत के सभी कार्य उनके निवास पर ही होते हैं। उधर, ग्राम सचिव अजय कुमार सिंह का कहना है कि पंचायत भवन के पास एक नाला स्थित है जिसके लिए पुलिया बनी हुई है, लेकिन सड़क के दूसरी ओर पुलिया बंद कर दी गई है, जिससे पानी की निकासी बंद हो गई है। इससे पंचायत भवन के पास पानी भरा रहता है। इस कारण पंचायत भवन में कोई भी कार्य नहीं हो पाता है।