सहारनपुर में शब्बीरपुर मेें पांच मई को हुए बवाल के मामले में लापरवाही मिलने पर सरसावा थाना प्रभारी बनाए गए एमपी सिंह को एडीजी लॉ एंड आर्डर के निर्देश पर लाइन हाजिर कर दिया गया है।
इस घटना के बाद बड़गांव से हटाकर उन्हें सरसावा का थाना प्रभारी बना दिया गया था। इसके अलावा कमिश्नर आवास के सामने 27 मई को हुई लूट के मामले में लापरवाही पाए जाने पर सदर कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
शब्बीरपुर में पांच मई को महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही शोभायात्रा के विरोध में जमकर बवाल हुआ। इसमें एक युवक की मौत हो गई थी तथा दर्जनों घरों को आग लगा दी गई थी।
इस मामले में बड़गांव थाना प्रभारी रहे एमपी सिंह की लापरवाही मानी गई थी। इस कारण उन्हें हटा दिया गया था। लोगों के समक्ष दिखावा करते हुए उन्हें मौखिक रूप से लाइन हाजिर भी कर दिया गया। लेकिन 10 दिन पूरे होने से पहले ही उन्हें सरसावा जैसे महत्वपूर्ण थाना प्रभारी बना दिया गया।
लखनऊ से आए गृह सचिव, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) एवं अन्य अधिकारियों की टीम ने जांच की तो लापरवाही तत्कालीन थाना प्रभारी की भी पाई गई। इसकी रिपोर्ट टीम ने शासन को सौंप दी।
इसके बाद एडीजी (लॉ एंड आर्डर) ने एमपी सिंह पर कार्रवाई करने निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए। एडीजी के निर्देश पर बुधवार को एमपी सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब उनके स्थान पर क्राइम ब्रांच से एसएसआई कपिल गौतम को सरसावा का थाना प्रभारी बनाया गया है।
कमिश्नर आवास के सामने हुई लूट के मामले में सदर कोतवाल पर गिरी है। न्यू आवास विकास निवासी गुटखा व्यापारी नवीन मक्कड़ के दो कर्मचारियों से कमिश्नर आवास के सामने बाइक सवार तीन नकाब पोश बदमाशों ने 21.84 लाख रुपये की लूट की घटना को अंजाम दिया था।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मुजफ्फरनगर में हुई सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की लूट के बाद वहां के पुलिस अधिकारियों को निलंबित किए जाने के साथ ही की गई। उनके स्थान पर एसएसपी के पीआरओ यज्ञदत्त शर्मा को सदर बाजार कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है।