अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। 2016, 2017 और 2018 के बैनामों की जांच के आदेश पर मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय की तरफ से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित कार्यालय से कुछ बैनामे मंगाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। शासन की तरफ से स्पष्ट आदेश है कि अगर किसी भी बैनामे में लगे स्टांप में फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है तो तत्काल संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, बैनामों की जांच का पता चलने के बाद भूमाफिया में भी बेचैनी बढ़ गई है।
जांच के दौरान जिले भर में हुए बैनामों में लगे पांच हजार या उससे अधिक के स्टांप के क्रमांक नंबर की सूची संबंधित कार्यालय से मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में आएगी। उस क्रमांक नंबर का मिलान कोषाधिकारी कार्यालय से पूर्व में जारी हुए भौतिक स्टांप से किया जाएगा। अगर क्रमांक नंबर मिलता है तो मतलब बैनामे में सही स्टांप का इस्तेमाल किया गया है और कोई फर्जीवाड़ा नहीं। अगर क्रमांक नंबर का मिलान नहीं होता तो साफ हो जाएगा कि स्टांप फर्जी लगाया गया है, जो मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से जारी ही नहीं हुआ।
इन बैनामों को लेकर शासन इतना सख्त है कि सीधे आदेश जारी किए गए हैं कि अगर फर्जीवाड़ा पकड़ में आता है तो तुरंत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए। बता दें, कि 2016, 2017 और 2019 के दौरान सहारनपुर जिले में करीब एक लाख बैनामे हुए हैं।