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स्टाफ नर्स, वार्ड आया और चौदीकार को अस्पताल से हटाया

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सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती से मारपीट के मामले में एक स्टाफ नर्स, वार्ड आया और चौकीदार दोषी मिले हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने तीनों को जिला महिला अस्पताल से हटा दिया है। साथ ही महिला चिकित्सक और दो स्टाफ नर्स को चेतावनी दी।
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पिंजौरा निवासी काजल को प्रसव पीड़ा के चलते परिजन बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप लगाकर काजल के परिजनों ने विरोध किया इसके बाद मारपीट हुई, इसमें गर्भवती के साथ भी मारपीट करने, बाल पकड़कर घसीटने और गला दबाने का आरोप लगाया। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को बुलाकर काजल के दो परिजनों को पुलिस को सौंपा।
मामले की जानकारी होने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जिला महिला अस्पताल में हंगामा किया । इसके बाद जिला अस्पताल चौक पर जाम लगाया था। मामले को गंभीरता से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने चार चिकित्सकों की जांच समिति गठित की थी। समिति ने शुक्रवार की शाम ही अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी थी, इसके आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शनिवार को कार्रवाई कर दी है।
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इन पर हुई कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्टाफ नर्स राबिया, वार्ड आया अर्चना और चौकीदार सुरेश को जिला महिला अस्पताल से हटाया। इनके अलावा महिला चिकित्सक डॉ. गुरमीत कौर और दो अन्य स्टाफ नर्स जो मौके पर मौजूद थीं को चेतावनी दी गई है।
वीएचपी निलंबन की मांग पर अड़ी
सहारनपुर। विश्व हिंदू परिषद के सदस्य गर्भवती के साथ मारपीट में शामिल रही स्वास्थ्यकर्मियों के निलंबन की मांग पर अड़े हैं। प्रांत बलोपासना प्रमुख कपिल मोहड़ा ने कहा यदि दोषियों को निलंबित नहीं किया है तो वह दो दिसंबर को सहारनपुर आ रहे मुख्यमंत्री योगी और गृह मंत्री अमित शाह के सामने जिला प्रशासन का पुतला फूंकेंगे। कपिल ने कहा सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है, जिसमें स्टाफ के लोग मारपीट करने के साथ ही गर्भवती के बाल पकड़कर खींचकर ले जा रहे हैं। ऐसा करना क्षमा करने लायक नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन संबंधित को निलंबित करें।
जिला महिला अस्पताल में मारपीट प्रकरण की चार वरिष्ठ चिकित्सकों से जांच कराई। जांच के दौरान दोषी मिले स्टाफ नर्स, वार्ड आया और चौकीदार को जिला महिला अस्पताल से हटा दिया गया है। -- डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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