सहारनपुर। जिला पंचायत सदस्य चुनाव में हार के बाद सपा के दो प्रत्याशियों ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र लिखकर अपनी हार के लिए जिलाध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने मनमानी करते हुए पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ ही अन्य लोगों को सपा प्रत्याशी बताकर चुनाव लड़वाया, जिससे पार्टी के जनाधार को नुकसान हुआ। उधर, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
जिला पंचायत सदस्य वार्ड 38 से चुनाव लड़ने वाले युवजन सभा के जिलाध्यक्ष अमित गुर्जर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे पत्र मेें आरोप लगाया कि उनके वार्ड में सपा के अन्य पांच कार्यकर्ताओं को पार्टी का प्रत्याशी बताकर चुनाव लड़वाया गया, जिससे उनकी हार हुई है। उन्होंने इसके लिए पार्टी जिलाध्यक्ष रुद्रसेन को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने जिले में पार्टी का जनाधार घटने का भी आरोप लगाया और अपनी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
उधर, जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव हारने वाले सलीम अख्तर ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर सपा जिलाध्यक्ष, गंगोह विधानसभा प्रभारी चौधरी इंद्रसेन और उनके परिजनों पर एक निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसी परिस्थितियों में क्यों न पार्टी की प्रारंभिक सदस्यता से इस्तीफा दे दूं।
वहीं, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन का कहना है कि चुनाव में हार के बाद लोग ऐसी बातें करते हैं, पार्टी का जनाधार कम नहीं हुआ है, बल्कि बढ़ रहा है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया है।