सहारनपुर। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में भी काफी बदलाव होने जा रहा है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की उप कुलपति प्रोफेसर वाई विमला ने सोमवार को स्नातक (कृषि) के कीट विज्ञान एवं पशुपालन व दुग्ध विज्ञान विषय की पाठ्य समिति की वर्चुअल बैठक की। इसमें अनेक महाविद्यालयों के प्रोफेसर शामिल हुए।
गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारान के डॉ. हरिकेश सिंह समिति के संयोजक हैं। उन्होंने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुझाव पर कौशल विकास एवं रोजगारपरक पाठ्यकम उन्नयन के लिए विशेषज्ञों ने कई सुझाए बैठक के दौरान रखे। इनमें कीट विज्ञान विषय के एक कोर्स में मुख्य फलों एवं सब्जियों जैसे आम, सेब, लीची, पापुलर, अमरूद, भिंडी, बैंगन, कद्दू, फसलों में लगने वाले कीटों को जोड़ने, पशु पालन विषय में पशु फार्म प्रबंध, पशुओं की मुख्य बीमारियों जैसे महत्वपूर्ण एवं रोजगारपरक विषय जोड़ने, मुर्गी पालन कोर्स में कुपोषण संबंधी विषय जोड़ने, दुग्ध विज्ञान में दुग्ध व इससे बने पदार्थों का संगठन, गुणवत्ता एवं पोषण आदि विषय जोड़ने के सुझाव रखे गए। प्रत्येक कोर्स में कृषि स्नातक विद्यार्थियों में अवधारणात्मक सोच विकसित करने एवं व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए शैक्षिक औद्योगिक भ्रमण का प्रावधान करने की भी बात सामने आई। इनके अलावा व्यवसायिक मौन पालन, व्यवसायिक रेशम कीट पालन, खाद्य सुरक्षा एवं मानक, मछली, बत्तख, बटेर व खरगोश पालन पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रोफेसर शैलेंद्र सिंह गौरव, प्रोफेसर अनिल कुमार, डॉ. लता, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डॉ. ओमप्रकाश, प्रोफेसर डॉ. पीके शर्मा आदि शामिल रहे।