सहारनपुर। जिला क्षय रोग विभाग टीबी दवाओं की कमी से जूझ रहा है। बरेली से विभाग को एक महीने के बजाय 10 दिन की दवा मिल रही है। करीब 10 से 15 दिन की दवा ही अब विभाग के पास रह गई है। ऐसे में मरीजों की दिक्कत बढ़ सकती है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने दवा की डिमांड भेजी है।
एक तरफ सरकार टीबी की बीमारी से 2025 तक मुक्त कराने का दावा कर रही है तो वहीं दूसरी ओर दवा की आपूर्ति तक नहीं हो पा रही है। मौजूदा समय में जिले में करीब सात हजार टीबी मरीज हैं। इनका सरकारी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। जिले में इस समय 10 से 15 दिन का ही स्टॉक है। किल्लत जल्द दूर होने के आसार भी नहीं दिख रहे हैं। जांच में टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों को छह माह तक नियमित दवा खानी होती है। जिन्हें एक साथ मुहैया नहीं होती है।
दवा का कोर्स पूरा करने के बाद मरीजों की दोबारा टीबी की जांच कराई जाती है। अगर जांच में वह निगेटिव नहीं होते हैं तो उन्हें फिर से तीन माह दवा खाने की सलाह दी जाती है। अब जब दवा की कमी हो गई है तो उन्हें दो से तीन दिन की दवा दी जा रही है। इससे मरीजों को भागदौड़ करनी पड़ रही है।
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वर्जन
10 से 15 दिन का स्टॉक बचा है। इससे पहले दवा खत्म हो, डिमांड भेज दी है। दो से तीन दिन के अंदर दवा आ जाएगी। जिस हिसाब से डिमांड भेजते हैं, उनके अनुसार नहीं मिल पाती।
डॉ. सर्वेश कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी