रोडवेज बस अडडे पर यात्रियो का इंतजार करते चालक
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सहारनपुर। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को लेकर शनिवार को लोग घरों से कम ही निकले। लोगों ने यात्राएं निरस्त कर दीं। ट्रेनों ही नहीं बसों में भी यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। रेलवे स्टेशन एवं रोडवेज बस स्टैंड पर भी लोगों की संख्या कम ही रही।
हालांकि महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण सरकारी कार्यालयों में अवकाश एवं स्कूलों में छुट्टी घोषित होने के कारण सड़कों पर सन्नाटा ही रहा। आलम यह रहा कि रोडवेज के दोनों बस स्टैंडों पर जहां हर समय भीड़ रहती थी, वहां भी यात्रियों की संख्या कम ही रही। सहारनपुर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक जगदीश सिंह का कहना है कि सहारनपुर से लगभग 30 हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। लेकिन शनिवार को यात्रियों की संख्या 25 हजार से भी कम रही।
ट्रेनों में भी कमोवेश यही स्थिति रही। दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत ही रही। गाजियाबाद से सहारनपुर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि मेरठ सिटी, मेरठ कैंट, खतौली और मुजफ्फरनगर से एक दो सवारियां हीं ट्रेन में चढ़ीं। रेलवे अधिकारी बिशन लाल ने बताया कि ट्रेनों में यात्री तो रहे, लेकिन सामान्य दिनों की अपेक्षा शनिवार को यात्रियों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी।
रेलवे स्टेशन पर की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सहारनपुर। शनिवार को रेलवे स्टेशन पर जीआरपी प्रभारी राशिद अली के नेतृत्व में स्टेशन के प्रत्येक प्लेटफार्म एवं परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। यात्रियों की चेकिंग की गई। ट्रेनों में भी तलाशी ली गई। स्टेशन परिसर का चप्पा-चप्पा तलाश किया गया। प्लेटफार्म से लेकर पुल तक स्टेशन को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एक प्लेटफार्म से लेकर दूसरे प्लेटफार्म तक गश्त की जाती रही। जीआरपी थाना प्रभारी राशिद अली ने बताया कि स्टेशन पर कड़ी चौकसी है। सीसीटीवी के जरिए भी प्लेटफार्म पर यात्रियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा तैनात पुलिस- फोटो : SAHARANPUR
अयोध्या के फैसला आने के बाद पसरा सन्नाटा- फोटो : SAHARANPUR