सहारनपुर। तीन दिन के कोरोना कर्फ्यू के पहले दिन शनिवार को शहर में बाजार पूरी तरह बंद रहे। सिर्फ आवश्यक सेवाओं में शामिल दवा की दुकानें, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब और दुग्ध डेयरी खुली रहीं। इस कारण सड़कों पर आवागमन भी खूब दिखा।
शुक्रवार रात आठ बजे से कोरोना कर्फ्यू का समय शुरू हो गया था। रात में तो करीब नौ बजे तक कई स्थानों पर दुकानें खुली रहीं थी, लेकिन शनिवार सुबह कोरोना कर्फ्यू का प्रभावी असर नजर आया। शहर के नेहरू मार्केट, प्रताप मार्केट, शहीद गंज, फव्वारा चौक, रायवाला, अंबाला रोड, देहरादून रोड, कोर्ट रोड, दिल्ली रोड सभी स्थानों पर दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। वहीं, बाजोरिया रोड पर पैथोलॉजी लैब और अस्पतालों के बाहर भारी भीड़ नजर आई। यहां पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं कर रहे थे।
गाइड लाइन का उल्लंघन करने वालों की हिदायत
कई स्थानों पर लोग कोविड गाइड लाइन का उल्लंघन भी करते नजर आए। पुलिस भी बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भ्रमण करती रही तथा जो लोग बेवजह घर से बाहर निकले थे, उन्हें हिदायत देकर लौटाया गया। रेलवे स्टेशन के पास एक रेस्टोरेंट भी पुलिस को खुला मिला तो पुलिसकर्मियों ने उसके संचालक को जमकर हड़काया। इसके बाद उसने रेस्टोरेंट को बंद कर दिया।
रंगोली बनाकर दिया कोरोना से बचाव का संदेश
नेहरू युवा केंद्र सहारनपुर के वालंटियरों ने शनिवार को शहर के घंटाघर चौराहे पर कोरोना जागरूकता पेंटिंग (रंगोली) बनाई। उस पर लिखा गया यूज मास्क, मेनटेन सोशल डिस्टेंसिंग, स्टे होम। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कोविड गाइड लाइन का पालन कर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोक सकें। इस दौरान नेहरू युवा केंद्र सरसावा के अनीश कुमार, अनुज कुमार, सिंगर नवाब मलिक, अफजल खान, पर्वतारोही रिहान अली, रोहन कुमार आदि शामिल रहे।