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जनपद की सात विधानसभा सीटों पर यह रही स्थिति

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सहारनपुर नगर विधानसभा
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वैश्य समाज के वोटर निर्णायक भूमिका में
सहारनपुर। नगर विधानसभा सीट पर वैश्य समाज के वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। वे आश्चर्यजनक परिणाम ला सकते हैं। सपा प्रत्याशी विधायक संजय गर्ग और भाजपा के राजीव गुंबर वैश्य समाज के वोटरों में सेंध लगाते नजर आए। संजय गर्ग और राजीव गुंबर तीसरी बार आमने सामने हैं। अभी तक एक-एक बार एक दूसरे को हरा चुके हैं। बसपा के मनीष अरोड़ा ने भी मुस्लिम वोटरों में सेंध लगाई है। बसपा के मनीष और कांग्रेस की सुखविंदर कौर को मिलने वाले वोट भी यहां हारजीत में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
बेहट सीट
भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के बीच रहा सीधा मुकाबला
- बेहट विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी नरेश सैनी और गठबंधन के सपा प्रत्याशी उमर अली के बीच सीधा मुकाबला रहा। बसपा प्रत्याशी रईस मलिक को मिलने वाले वोट भाजपा और सपा प्रत्याशी की हार-जीत में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। मुस्लिम वोटों में रईस मलिक ने भी सेंध लगाई है। वहीं भाजपा के नरेश सैनी को कुछ स्थानों पर अनुसूचित जाति का भी वोट मिलता नजर आया है।
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नकुड़ सीट
मुस्लिम वोटर होंगे निर्णायक भूमिका में
-- इस सीट पर सभी का निगाहें हैं। भाजपा छोड़ कर ऐन वक्त पर सपा में आए चार बार के विधायक डॉ. धर्म सिंह के लिए पांचवीं बार विधानसभा पहुंचने का राह आसान नजर नहीं आ रही। मुस्लिम वोटरों और सैनी समाज के वोटरों के गणित का लेकर चुनावी रण में उतरे डॉ. सैनी का मुकाबला भाजपा के मुकेश चौधरी और बसपा के साहिल खान के साथ था। यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला है। साहिल खान ने नकुड़ समेत कई स्थानों पर मुस्लिम वोटरों में खूब सेंध लगाई है। वो भी दलित और मुस्लिम वोटरों के साथ रण में है। भाजपा के मुकेश चौधरी का भाजपा के परंपरागत वोटों के अलावा अपने गुर्जर बिरादरी और जाट समाज का वोट भी खूब मिलता नजर आया है। यहां भी मुस्लिम वोटर हारजीत में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
सहारनपुर देहात
चौंकाने वाले होंगे परिणाम
-- सहारनपुर देहात सीट पर भाजपा ने चार बार के विधायक रहे अनुसूचित जाति के जगपाल सिंह पर दांव खेला है। चुनाव में उनका सीधा मुकाबला सपा के आशु मलिक से नजर आया है। बसपा ने भी अनुसूचित जाति के अजब सिंह को चुनावी रण में उतारा है। भाजपा के जगपाल सिंह पार्टी के परंपरागत वोटरों के अलावा एससी मतदाताओं में भी सेंध लगाते नजर आए हैं। इस सीट पर परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं।
देवबंद सीट
राजपूत और मुस्लिम वोटर निर्णायक होंगे
-- भाजपा के विधायक बृजेश सिंह इस बार भी चुनाव में हैं। उनके सामने सपा ने राजपूत समाज के ही कार्तिकेय राणा पर दांव लगाया है। यहां पर राजपूत और मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका में हैं। दोनों ने राजपूत वोटरों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया है। दोनों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला है। बसपा के राजेंद्र चौधरी भी मुस्लिम वोटों में सेंध लगाते नजर आए। कांग्रेस के राहत खलील और एआईएमआईएम के उमेर मदनी को मिले वोट यहां हारजीत में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
रामपुर मनिहारान सीट
त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी सीट
- सुरक्षित रामपुर मनिहारान सीट पर बसपा के रविंद्र मोल्हू लगातार तीसरी बार चुनाव मैदान में है। भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र निम दूसरी बार चुनावी रण में हैं। गठबंधन से रालोद के विवेककांत चुनावी मैदान में हैं। मतदान के दौरान गुर्जर वोटर गठबंधन के पक्ष में नजर आए। मुस्लिम वोटर भी गठबंधन के साथ खड़े दिखाई दिए। भाजपा के निम को पार्टी के परंपरागत वोट खूब मिलते नजर आए। बसपा के रविंद्र मोल्हू ने अनुसूचित जाति के पार्टी के वोट बैंक के अलावा मुस्लिम वोटरों में भी सेंध लगाई है। यदि मुस्लिम और अनुसूचित जाति के वोटरों का बंटवारा हुुआ तो परिणाम चौंकाने वाले होंगे। इसी कारण यहां तीनों प्रत्याशियों में त्रिकोणीय मुकाबला है।
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गंगोह सीट
चौधरी यशपाल और मसूद परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर
जिले की सबसे चर्चित गंगोह सीट पर सभी का निगाहें हैं। यहां चौधरी यशपाल सिंह और मसूद परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। चौधरी यशपाल सिंह के छोटे बेटे इंद्रसेन सपा से और काजी रशीद मसूद के भतीजे नोमान मसूद बसपा से चुनावी रण में हैं। भाजपा ने विधायक किरत सिंह पर ही भरोसा जताया है। मतदान में गुर्जर समाज सपा के इंद्रसेन और भाजपा के किरत सिंह में बंटा नजर आया। यहां पर मुस्लिम वोटरों का भी विभाजन दिखाई दिया। गंगोह में मुस्लिम बसपा के नोमान को समर्थन करते नजर आए। जाट समाज के वोटरों ने गठबंधन के साथ भाजपा को भी तवज्जो दी।

वोट डालने के लिये खाताखेड़ी में वोट डालने के लिये लगी लाइन- फोटो : SAHARANPUR

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