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Saharanpur News: बच्चों के टीकाकरण में शंकरपुरी, आजाद कॉलोनी और देवबंद फिसड्डी

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- 95 फीसदी है टीकाकरण का लक्ष्य, मोहल्ले में टीके का विरोध और डर है मुख्य वजह
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- आशा कार्यकर्ता, चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर है जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में बच्चों के नियमित टीकाकरण में लापरवाही बरती जा रही है। शंकरपुरी, आजाद कॉलोनी और देवबंद के केंद्रों पर अब तक सबसे कम टीकाकरण हुआ है। इनकी वजह से टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। टीके का विरोध और डर के चलते विभाग को समय पर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करना चुनौती है।
नवजातों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण होता है। आंगनबाड़ी केंद्र, सीएचसी-पीएचसी, जिला महिला अस्पताल में नियमित टीकाकरण होता है। टीकाकरण की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और चिकित्सा अधिकारी की है। इसके बावजूद नियमित टीकाकरण में जिला पिछड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शहरी क्षेत्र के शंकरपुरी में 69, आजाद कॉलोनी में 78 और देवबंद शहरी में 80 फीसदी टीकाकरण हुआ है। इन तीनों की वजह से 95 फीसदी नियमित टीकाकरण का लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है। हालांकि तीन ब्लॉक ऐसे हैं, जिनमें नियमित टीकाकरण को लेकर अच्छा प्रदर्शन हुआ है। गंगोह में 96, नकुड़ और रामपुर मनिहारान में 94-94 फीसदी टीकाकरण कर लिया गया।
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प्रदेश में जिले की तीसरी रैंक
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि डब्ल्यूएचओ के मॉनिटरिंग डेटा के अनुसार, प्रदेश में जिले का नियमित टीकाकरण में तीसरी रैंकिंग है। कुछ लोग अपने बच्चों का टीका डर की वजह से नहीं लगवाते हैं। इसके अलावा टीके के बाद बुखार होना भी एक कारण है। कई मोहल्ले व कॉलोनी में स्वास्थ्य विभाग को विरोध का सामना भी करना पड़ा।
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