सहारनपुर। शंभू रेलवे ट्रैक से किसान 33 दिन बाद हट गए हैं। इसके बाद रेलवे ने पूर्व की तरह ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया। ट्रेनें बहाल हुईं तो यात्रियों को खासी राहत मिली। किसान आंदोलन के कारण सहारनपुर से होकर गुजरने वाली करीब 24 ट्रेनें प्रभावित थीं।
17 अप्रैल से किसानों का शंभू बॉर्डर रेलवे ट्रैक पर धरना चल रहा था। इसके बाद बाद से रेलवे ने ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही रूट बदलना पड़ा। सहारनपुर से होकर गुजरने वाली हरिद्वार-अमृतसर जनतशताब्दी, नई दिल्ली-जांलधर सिटी सुपर, सहारनपुर-नंगलडैम मेमू एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर-हरिद्वार एक्सप्रेस निरस्त चल रही थीं।
धनबाद-फिरोजपुर गंगा सतलुज, सहरसा-अमृतसर गरीबरथ, इंदौर-अमृतसर, गोरखपुर-अमृतसर, कानपुर सेंट्रल-अमृतसर, गुवाहाटी-जम्मूतवी, गोरखपुर-जम्मूतवी, योग नगरी ऋषिकेश-जम्मूतवी, कोलकाता-अमृतसर, कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़, हावड़ा-अमृतसर मेल, पटना-जम्मूतवी अर्चना, वाराणसी-जम्मूतवी बेगमपुरा, हावड़ा-जम्मूतवी हिमगिरी, पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर जनसेवा, जयनगर-अमृतसर सरयू यमुना, कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना और सूबेदारगंज-शहीद कैप्टन तुषार महाजन, जयनगर-अमतसर शहीद, टाटानगर-अमृतसर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस को साहनेवाल-अंबाला के बीच रूट बदलकर चलाना पड़ रहा था।
सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे किसानों ने शंभू रेलवे ट्रैक खाली किया। इसके बाद रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ ने ट्रैक को चेक किया। ट्रैक ठीक मिलने पर करीब एक घंटे बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू कर दिया गया। अंबाला मंडल के डीआरएम मनदीप सिंह भाटिया ने बताया कि जिन ट्रेनों को 22 मई तक निरस्त किया था, वह बहाल हो गई हैं। इसके साथ रूट डायवर्जन वाली ट्रेनें भी अपने निर्धारित रूट से ही संचालित होंगी। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी।