संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। अब घरों में बेटों के साथ बेटियों की किलकारी खूब गूंज रही है। हर साल लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। चार साल पहले जहां लिंगानुपात 927 था, वह अब बढ़कर 941 पर पहुंच गया है। यह अच्छे संकेत हैं। इसमें अभी और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, कुछ ब्लॉक में लिंगानुपात 800 से नीचे है।
लिंगानुपात को स्थिति सुधारने के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह गंभीर है। विभाग हर साल विभिन्न जागरूकता अभियानों व सख्ती के जरिए लिंगानुपात को सुधारने का प्रयास करता है। पिछले दिनों विभाग ने कई केंद्रों पर छापा मार कार्रवाई की। उसी का नतीजा है कि पिछले चार साल से लिंगानुपात बढ़ रहा है। वर्ष 2021-22 में जिले का लिंगानुपात 927 था, जो वर्ष 2024-25 में 941 पर है। वर्ष वर्ष 2022-23 में 938 और 2023-24 में 939 लिंगानुपात रहा।
नागल और नकुड़ ब्लॉक की स्थिति खराब है। नागल का लिंगानुपात 887 है, जबकि नकुड़ में 829 है। सबसे बेहतर स्थिति में बलियाखेड़ी ब्लॉक है। इस ब्लॉक में लिंगानुपात 997 है। यानी यहां 702 लड़के हैं, जबकि 700 बेटियां। ब्लॉक में और अधिक प्रयास किए जाए तो लिंगानुपात बेहतर होगा। क्योंकि, अब समय के साथ ही लोगों की सोच भी बदल रही है।