फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur News: जांच में अहम भूमिका निभाएंगे सीरियल नंबर, खोल सकते हैं राज

Wed, 02 Sep 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। जाली नोट मिलने के मामले की जांच में नोटों के सीरियल नंबर भी अहम भूमिका निभाएंगे। टीम पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। नोटों की गिनती और छंटाई के लिए तीन सॉर्टिंग मशीनें लगाई गई हैं। इसके साथ ही नए और पुराने नोटों के सीरियल नंबर अलग-अलग दर्ज कर उनका मिलान किया जा रहा है।
विज्ञापन

जांच का सबसे अहम हिस्सा नकली नोटों के सीरियल नंबरों का रिकॉर्ड तैयार करना माना जा रहा है। नए और पुराने नोटों के नंबरों का अलग-अलग मिलान किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि नकली नोट किसी एक स्रोत से आए या अलग-अलग समय में करेंसी चेस्ट तक पहुंचे। यदि एक जैसी सीरीज या लगातार क्रम वाले नोट बड़ी संख्या में मिलते हैं तो जांच को इनके स्रोत तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है। करेंसी चेस्ट में मिले नोटों की संख्या अधिक है। इसलिए तीन सॉर्टिंग मशीनों की मदद से नोटों को अलग-अलग किया जा रहा है।
मशीनों से नोटों की छंटाई के दौरान संदिग्ध नोटों को अलग रखकर उनकी दोबारा जांच की जा रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नकली नोटों की कोई विशेष सीरीज, नंबर पैटर्न या एक जैसी प्रिंटिंग में समानता तो नहीं है। पुलिस और बैंक स्तर पर चल रही जांच में सीरियल नंबर, सीसीटीवी फुटेज और नकदी के रिकॉर्ड अहम कड़ियां साबित हो सकती हैं।
विज्ञापन



सीसीटीवी फुटेज से खंगाली जा रही आवाजाही
पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए करेंसी चेस्ट के अंदर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पिछले कुछ दिनों में करेंसी चेस्ट में आने-जाने वाले कर्मचारियों और अन्य लोगों की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। फुटेज के आधार पर यह देखा जा रहा है कि नोटों से संबंधित अवधि में कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और नकदी के आवागमन की प्रक्रिया क्या रही।


बैंकिंग प्रक्रिया भी जांच के घेरे में
इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट मिलने के बाद केवल नोटों के स्रोत की ही नहीं, बल्कि करेंसी चेस्ट में नकदी पहुंचने और उसकी जांच की पूरी प्रक्रिया को भी खंगाला जा रहा है। नकदी किस शाखा या माध्यम से आई, उसकी गिनती और सत्यापन कब हुआ और नोटों की जांच के दौरान इन्हें पहले क्यों नहीं पकड़ा गया, जैसे सवालों के जवाब भी तलाशे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें