सहारनपुर के देवबंद में सरकारी कर्मी के यहां अफीम के पौधे।
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जनपद शामली में एक व्यक्ति अफीम की खेती कर रहा था, लेकिन सहारनपुर जनपद में तो अफसर और कर्मचारियों के बगीचे में ही अफीम की खेती हो रही थी। मामला चर्चा में आने पर जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे, तो एक कर्मचारी उन पौधों को नष्ट करता मिला। अधिकारी इस बात पर बोलने से बच रहे हैं कि बगीचे में अफीम के पौधे किसने लगाए थे और किस उद्देश्य से लगाए गए थे।
मामला देवबंद क्षेत्र का है। वहां सरकारी परिसर के बगीचे में फूल के पौधों के साथ ही अफीम के पौधे भी खड़े थे। अफसर के अलावा कुछ कर्मचारियों के आवासों के बाहर भी अफीम के पौधे खड़े थे। पौधे देखने से स्पष्ट था कि वह काफी समय से यहां लगे हैं, क्योंकि कुछ पौधों की पत्तियां सूख चुकी थीं और पौधे के ऊपर लगने वाला फल भी पक रहा था।
चर्चा होने पर मीडिया कर्मी वहां पहुंचे, तो इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंच गई। आनन फानन में एक कर्मचारी वहां पहुंचा और अफीम के पौधे नष्ट कर दिए। अहम सवाल यही है कि आखिर अफीम के पौधे यहां किसने लगाए। उधर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस संबंध में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
गौरतलब है कि शामली जनपद के झिंझाना क्षेत्र के गांव पटनी परतापुर में एक व्यक्ति द्वारा अफीम की खेती करने का मामला दो दिन पहले ही सामने आया था। उस मामले में पुलिस ने अफीम की खेती करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।