महावीर जयंती शोभायात्रा के लिए पुलिस ने शहर के रानी बाजार में दुकानों के बाहर का अतिक्रमण हटवाया, तो हंगामा हो गया। दुकानों के बाहर का सामान उठाकर ले जाने का आरोप लगाकर व्यापारियों ने जमकर हंगामा किया और बाजार बंद करके सड़क पर धरना देकर बैठ गए। करीब दो घंटे तक बाजार बंद रहा और धरना प्रदर्शन चला। बाद में सीओ ने समझा बुझाकर शांत किया और दुकानदारों का सामान लौटाया। तब जाकर बाजार खुला।
बुधवार को शहर के बीच स्थित रानी बाजार में मंडी कोतवाली पुलिस सुबह लगभग 10 बजे अतिक्रमण हटवाने के लिए पहुंची। व्यापारियों का आरोप था कि पुलिस ने अतिक्रमण हटवाने के लिए न तो पहले कोई नोटिस दिया और न ही चेतावनी दी। सीधे आकर बाजार में दुकानों पर रखे सामान को जब्त करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने कई दुकानदारों का सामान उठाकर थाने में भिजवा दिया। जिस पर व्यापारी भड़क उठे। व्यापारियों ने बाजार बंद कर दिया और रास्ता बंद कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। व्यापारियों ने पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया। लगभग दो घंटे तक बाजार बंद रहा। जिससे आसपास के रास्तों पर जाम लग गया।
सूचना मिलते ही सीओ रजनीश उपाध्याय मौके पर पहुंचे। सीओ रजनीश उपाध्याय एवं मंडी कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच व्यापारियों एवं पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में अधिकारियों ने व्यापारियों का सामान लौटाने एवं कोई कार्रवाई न किए जाने का आश्वासन दिया।
जिसके बाद व्यापारी शांत हुए और धरना प्रदर्शन समाप्त किया। धरना प्रदर्शन करने वालों में शशिकांत सिंघल, सुनीता रानी, सुशील जैन, शुभम, अंकित जैन, मुकेश जैन, राजीव गुप्ता, मनोहर लाल, सुरेंद्र, प्यारे लाल, विजेंद्र गुप्ता, अवतार, सुरेश, विनोद समेत अनेक लोग शामिल रहे।
महावीर जयंती शोभायात्रा के लिए हटवाया था सामान
मंडी कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा का कहना है कि उन्होंने पहले ही घोषणा करा दी थी कि महावीर जयंती शोभायात्रा निकलनी है, सड़क खाली कर दें, सड़क पर सामान न रखें, लेकिन दुकानदारों ने सड़क पर सामान रख कर अतिक्रमण कर लिया। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए कहा, तो व्यापारी सुनने को तैयार नहीं हुए। जिस कारण कुछ दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया था। बाद में सामान वापस कर दिया गया।