वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया
बेहट (सहारनपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र (कृविके) की विशेषज्ञ की टीम ने बृहस्पतिवार को ब्लॉक साढ़ौली कदीम क्षेत्र के उसंड़ और मुर्तजापुर गांव में सफेद बटन मशरूम उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं का समाधान किया।
कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर के प्रभारी एवं मशरूम विशेषज्ञ डॉ. इंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया मशरूम उत्पादक शिखा वर्ष 1994 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से गृह विज्ञान स्नातक, फ्रांस से मैनेजमेंट स्नातकोत्तर, दिल्ली में चार वर्ष फॉरेन वीजा विभाग में सर्विस करने के बाद अब अपने गांव उसंड़ में ग्रामीण महिलाओं के साथ ग्रुप में मशरूम उत्पादन का कार्य करके उन्हें स्वावलंबी बनाकर कृषि आय को बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है।
उन्होंने बताया वह सफेद बटन मशरूम, ओएस्टर, मिल्की, शीटाके, कॉर्डिसेप्स मशरूम उत्पादन का कार्य भी करना चाहेगी। उन्होंने बताया यदि उत्पादक लगन, समय, सिस्टम, संसाधन, वैल्यू ऑडिशन, बिक्री के साथ प्राथमिकता से कार्य करें, तो एक वर्ष में 50 हजार लगाकर 1.5 से 2.0 लाख तक की आय अर्जित की जा सकती है। सहारनपुर में अभी 5 से 15 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष मशरूम का उपभोग कर रहे हैं, जो मशरूम की पौष्टिक एवं औषधीय गुरों की दृष्टि से बहुत ही कम है।
उन्होंने गांव मुर्तजापुर में मशरूम उत्पादक हिमांशू सैनी एवं पूजा सैनी की इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया हिमांशु और पूजा सफेद बटन मशरूम, ओएस्टर मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। निरीक्षण के बाद उत्पादकों की समस्याओं का भी समाधान किया। उन्होंने बताया कृषि विज्ञान केंद्र से तकनीकी, उद्यान विभाग, बैंक, नाबार्ड, खादी ग्रामोद्योग, कृषि, महिला समूह में कार्य करने वाले विभागों से और सहयोग की अपील की।
बेहट के गांव उसंड़ में मशरूम उत्पादन ईकाईयों का निरीक्षण करते विशेषज्ञ डॉ. इंद्र कुमार कुशवाहा।- फोटो : SAHARANPUR