विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बीते वर्षों की तुलना में इस बार किताबें समय से आई हैं, लेकिन यह भी बात सच है कि वह 70 से 80 ही फीसदी हैं। किताबें सभी बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों में भेजी जा रही हैं। चूंकि ज्यादा पहले किताबों का वितरण नहीं किया जा सकता। इसलिए ज्यादातर विद्यालयों में किताबों का वितरण नए सत्र में ही होगा, जिससे बच्चों के पास से किताबें गुम न हों।
वह किताबें जो अभी विद्यालयों में नहीं पहुंची
| कक्षा |
किताबों के नाम |
| कक्षा एक |
कार्यपुस्तिका, कार्यपुस्तिका अंग्रेजी, कार्यपुस्तिका गणित |
| कक्षा दो |
कार्य पुस्तिका सारंगी, कार्यपुस्तिका कला, कार्यपुस्तिका गणित, उर्दू जबान |
| कक्षा तीन |
कार्यपुस्तिका वीणा, संस्कृत टेस्ट बुक, कार्यपुस्तिका गणित, उर्दू जबान |
| कक्षा चार |
कार्यपुस्तिका वीणा, कार्यपुस्तिका संतूर, कला, गणित, कार्यपुस्तिका गणित, ईवीएस पर्यावरण |
| कक्षा पांच |
कार्यपुस्तिका वाटिका, अंग्रेजी, कार्यपुस्तिका अंग्रेजी, कार्य पुस्तिका गणित, उर्दू, कला |
कक्षा छह से आठ की 50 फीसदी किताबें आईं
विभागीय अधिकारी कक्षा एक से पांच की 70 से 80 फीसदी और कक्षा छह से आठ की 50 फीसदी तक किताबें प्राप्त होने का दावा कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचीं किताबें वाकई 70 फीसदी तक हैं, लेकिन अनेक उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें अभी तक छह से आठ की किताबें ही नहीं पहुंची हैं।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री डॉ. अनिल बावरे ने बताया कि वह उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक हैं, लेकिन अभी तक एक भी किताब नहीं मिली है न ही किताबों के संबंध में कोई सूचना मिली है।