सहारनपुर। जिले में वर्ष 2011 से लेकर 2014-15 तक हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच तेज हो गई है। करीब 80 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच मेरठ की अपराध शाखा कर रही है। शाखा ने आरोपियों को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही वसूली भी की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग की ओर से कई तरह की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वर्ष 2011 से लेकर 2014-15 तक जिले के करीब 40 शिक्षण संस्थानों ने तकरीबन 80 करोड़ रुपये का घोटाला किया था। इस मामले में शिकायत होने के बाद समाज कल्याण के दो और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पांच कर्मियों पर गाज भी गिरी थी। पिछले दिनों मेरठ अपराध शाखा ने समाज कल्याण विभाग के ऑफिस में आकर जांच पड़ताल भी की। टीम छात्रवृत्ति के आवेदन और छात्रों के प्रमाणपत्र आदि दस्तावेज अपने साथ लेकर गई थी। दस्तावेज मिलने के बाद शाखा ने जांच को और तेज कर दिया है। हर छात्र के डाटा का मिलान किया जा रहा है। साथ ही सभी को आरोपियों को नोटिस देने की भी तैयारी की जा रही है।
बता दें, कि जिले के 40 शिक्षण संस्थानों ने जरूरत से अधिक छात्राओं को दिखाकर छात्रवृत्ति मंगा ली, साथ ही कई संस्थान ऐसे भी रहे जिन्होंने संस्थान में आवंटित सीट से अधिक छात्रों के प्रवेश कर लिए। सभी के फर्जी दस्तावेज लगाकर अपने संस्थान में शिक्षण कार्य दिखाया। कई छात्र ऐसे भी रहे, जिन्होंने बीच में ही पढ़ाई भी छोड़ दी। अब जब मामला करीब 11 वर्ष बाद फिर गर्म हो गया है तो जांच भी तेज की जा रही है। जांच कर रही टीम संबंधित संस्थाओं में जाकर भी पूछताछ कर सकती है, साथ ही अन्य कई अहम दस्तावेज भी मंगवाए जा सकते हैं। मामले के उजागर होने के बाद संस्थाओं में हड़कंप मचा है।