सहारनपुर। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर पर आधारित गीत गाने के मामले में कॉलेज से निष्कासित किए गए दलित छात्र का मामला राष्ट्रीय एससी/एसटी आयोग पहुंचा है।
आयोग के सदस्य ने बृहस्पतिवार को यहां पहुंचकर एडीएम-ई की उपस्थिति में पीड़ित छात्र और उसके पिता के बयान लिए। इससे कॉलेज प्रशासन में हड़कंप है।
तल्हेड़ी बुजुर्ग स्थित भारतीय इंटर कॉलेज के 11वीं के छात्र ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर पर आधारित गीत गाया था। कॉलेज प्रशासन ने छात्र द्वारा गाए गए गीत में अन्य जाति विरोधी शब्द होने का आरोप लगाते हुए उसे निष्कासित कर दिया था, जबकि छात्र और उसके परिजनों का कहना था कि गीत में केवल बाबा साहेब का गुणगान किया गया था, न कि किसी के खिलाफ कोई बात।
मामला इतना तूल पकड़ा कि कार्रवाई करने वाले प्रधानाचार्य के पक्ष में प्रधानाचार्य परिषद उतर आई, जबकि छात्र के पक्ष में दलित और छात्र संगठन। मामले में न्याय के लिए पीड़ित पक्ष ने राष्ट्रीय एससी/एसटी आयोग से भी गुहार लगाई थी, जिसे आयोग ने गंभीरता से लेते हुए मामले की सुनवाई के लिए अपने सदस्य एमआर वाली को यहां भेजा। उन्होंने बृहस्पतिवार को सहारनपुर पहुंचकर कलक्ट्रेट परिसर में एडीएम-ई ओपी वर्मा के कार्यालय में पीड़ित छात्र और उसके परिजनों को बुलाकर उनका पक्ष सुना।
उन्होंने छात्र और उसके पिता से पूछा कि वह क्या चाहते हैं। उधर, आयोग सदस्य के पहुंचने की सूचना से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, जिन्हें कार्रवाई होने का भय सता रहा है।
कार्रवाई कराकर रहेंगे
सीसीएस यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संजीव दुर्जन भी अपने साथियों के साथ आयोग सदस्य से मिले और अपनी बात रखी। उन्होंने छात्र का निष्कासन वापस कराने तथा प्रधानाचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कराने की मांग उनसे की। उधर, प्रधानाचार्य अनूप सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, मगर छात्र का निलंबन वापस नहीं लेंगे। उन्होंने छात्र और उसके परिजनों पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया था।