सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर ने बृहस्पतिवार को दूसरी बाधा भी पार कर ली है। केन्द्र सरकार ने सहारनपुर सहित देश के अन्य स्मार्ट शहरों का ऐलान कर दिया है।
इसके बाद पहले 20 शहरों की सूची में शामिल होने का सहारनपुर को इंतजार है। स्मार्ट सिटी के रुप में चयनित होने के बाद सहारनपुर के विकास की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
शहरी विकास मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को सहारनपुर सहित अन्य स्मार्ट सिटी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ अब शहर के विकास की उम्मीदें भी बढ़ने लगी है। इसके बाद अब स्मार्ट सिटी की योजना पूरी तरह कार्यान्वित होनी शुरू हो जाएंगी। ऐसे में तय है कि अब शहर के विकास को पंख लग लगेगा।
कारण, लकड़ी की नक्काशी की कला से पूरे विश्व में सहारनपुर की पहचान है। मगर, पिछले कई सालों से विकास पर लगे विराम और उदासीनता के चलते वुडकार्विंग की धाक भी कम हुई। इसके अलावा शहर के विकास को भी उम्मीदों के मुताबिक तवज्जो नहीं मिल रही थी।
स्मार्ट सिटी में विकासलक्ष्यी कार्यों के जरिए रोजगार की संभावना तो बढ़ेगी साथ ही आवास, बेहतर सड़कों के साथ ही पर्याप्त पेयजल आपूर्ति, पर्याप्त बिजली आपूर्ति और सुगम परिवहन सेवाएं मिलने का सपना भी पूरा होगा। आपको बता दें कि ई-गर्वनेंस, आनलाइन डिजिटलाइजेशन, राजस्व वसूली, शिकायतों के निस्तारण, नागरिकों से परामर्श, कार्यालय और नागरिकों से जुड़े डाटा को कंप्यूटराइज्ड कर सुगमता से उपलब्ध कराने सहित कुछ अन्य मानकों पर यह शहर अन्य कई नगरों से बेहतर पाया गया है। इससे पहले प्रदेश के सभी नगरायुक्तों की लखनऊ में बैठक कर सरकार ने उन्हें स्मार्ट सिटी के अनुरूप कार्य करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
अब बनेगी स्मार्ट सिटी पहली सूची
शहरी विकास मंत्रालय के ऐलान के बाद अब केन्द्र सरकार की ओर से तय एजेंसी शहर के विकास की संभावनाओं पर सर्वेे करेगी और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। इसके बाद एक टीम उस रिपोर्ट के आधार पर शहर का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके बाद पहले साल में 20 और दूसरे-तीसरे साल में 40-40 शहरों का चयन होना है। ऐसे में अब पहली सूची में जगह बनाने के लिए सहारनपुर को अब एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा।
ऐसे मिलेगा स्मार्ट सिटी को बजट
स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों को पहले 200 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। फिर अगले तीन साल तक 98-98 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें पहले साल में 100 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार और 100 करोड़ राज्य सरकार देगी। इसके बाद बजट के मुताबिक फंडिंग होगी। बाकी रकम के लिए पीपीपी, विदेशी एजेंसी या अन्य रास्ते से फंड जुटाने होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना में पहली किश्त में मिलने वाले बजट से कराए जाने वाले कार्यों और प्रोजेक्टों को पूरा करने के बाद ही नया बजट मिलेगा
अभी इन प्रोजेक्ट्स पर करना होगा काम
- ई-सेवाओं का विस्तार करना
- स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था बनाना
- ट्रैफिक मैनेजमेंट को स्मार्ट बनाना
- शहर को अतिक्रमण मुक्त करना
- सभी नागरिकों तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति
- नगर निगम में शामिल 32 गांवों में विकास
- सीवरेज ट्रीटमेंट को दुरुस्त करना
- नगर निगम की संपत्तियों पर कब्जों को हटाना
- वेस्ट मैनेजमेंट को और बेहतर बनाना
इन प्रमुख मानकों पर हुआ मूल्यांकन
- ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण
- ई-न्यूज लेटर
- बजट बयोरा ऑनलाइन
- निर्वाचित प्रतिनिधियों के पारित प्रस्ताव वेबसाइट पर डालना
- वार्ड वार लोगों से परामर्श का विवरण
- सेवाओं में देरी पर जुर्माना
- टैक्स किराए आदि से राजस्व
- वेतन भुगतान व्यवस्था
- खातों का ऑडिट
- आंतरिक स्रोतों से रेवेन्यू
- वाटर सिस्टम पर खर्च
- कुल आय में आंतरिक आय की हिस्सेदारी
- जेएनएनयूआरएम के तहत शहर में सुधार
- इनवेस्टमेंट में सहयोग
- रोजगार में सहयोग
ये होंगी स्मार्ट सिटी की विशेषताएं
- आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक या बैंकिंग सहित अन्य स्तर पर भूमि का प्रयोग और परिवर्तन पहले से सरल हो सकेगा। मिश्रित भू उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
- बेहतर सड़कों के साथ ही पर्याप्त पेयजल आपूर्ति, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, सुगम और दूरी एवं समय को कम करते हुए एक दूसरे को जोड़ती हुई परिवहन सेवाएं
- शहर में अधिक से अधिक नागरिकों तक आनलाइन सेवाओं के साथ ही वाई-फाई जैसी सुविधाएं देना
- समाज के अलग अलग वर्गों के अनुरूप आवासों को स्थापित करना और उनमें मूलभूत सुविधाएं देना
- पैदल चलने वाले, साइकिल यात्रियों, तिपहिया जैसे वाहनों से आवागमन को सुगम और व्यवस्थित करना
- वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और कूड़ा प्रबंधन के साथ पर्यावरण संतुलन को बेहतर रखना
- शासन प्रशासन को आम नागरिकों के लिए पारदर्शी, जवाबदेही के साथ आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करना
- जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, हाउस टैक्स, बिजली, पानी सहित अन्य तरहों का भुगतान ऑनलाइन
- नगर में सरकारी कार्यालयों में जाए बिना ही उनसे जुड़ी जरूरी सेवाएं कम से कम समय में आम नागरिकों तक पहुंचना
- नगर के कार्यालयों में जाए बिना ही मोबाइल, लैपटॉप, टेबलेट पर आनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देना, ई-गर्वनेंस के तहत ई-ग्रुप्स तैयार करना आदि
- हौजरी, कृतियों, शिल्प, खेल की वस्तुएं, फर्नीचर, नए एवं आधुनिक जीवन शैली के परिधान आदि में शहर को नई पहचान देना
- शहर में शापिंग मॉल, जिम, योगा, मल्टीप्लेक्स, क्लब, बैंकिंग सेवाओं के साथ ही जीवनशैली से जुड़ी सेवाएं बेहतर करना भी शामिल हैं।