सहारनपुर। आज विश्व जल दिवस है। हमें पानी बचाने की सामूहिक जिम्मेदारी को कुशलतापूर्वक निभाने की शपथ लेनी है। पानी की बेहताशा बर्बादी भविष्य के लिए चिंताजनक है। अतिदोहन से भूजल स्तर गिर रहा है। इसके लिए आम नागरिक से लेकर सरकारी विभाग तक जिम्मेदार हैं। इसलिए जल संरक्षण के लिए अभी से जागना होगा ताकि कल बेहतर बन सके।
जनपद में बीते चार सालों में शहरी क्षेत्र समेत सभी 11 विकास खंडों में 17 मीटर तक भूगर्भ जलस्तर गिरा है। जिले में कृषि, जनसंख्या विस्फोट, उद्योगों को लेकर जल की बढ़ती मांग से भूगर्भ जल स्तर की स्थिति गंभीर बन गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कृषि में 70 प्रतिशत भूजल का दोहन होता है। हालांकि 30 फीसदी नहरों से सिंचाई होती है। इसीलिए जिले में अंधाधुंध दोहन से भूजल स्तर काफी गिर गया है। वर्षा होने के बावजूद हर वर्ष भूगर्भ जलस्तर बढ़ने की बजाए गिरा है। जनपद के गंगोह, नकुड़ और नानौता ब्लॉक अतिदोहित श्रेणी में हैं।
तालाबों का नहीं सुधरा हाल
जिले में तालाबों पर अवैध कब्जे हैं और गंदगी से अटे हैं। इस हालत में तालाबों का पानी पशुओं के पीने लायक भी नहीं है। पूर्व में हाईकोर्ट के आदेश पर तालाबों को लेकर सर्वे हुआ था। 622 तालाबों पर अवैध कब्जे मिले। सर्वाधिक रामपुर मनिहारान तहसील क्षेत्र के 150 से ज्यादा तालाब गायब थे। तालाबों के सुंदरीकरण के नाम पर कागजों में योजना बनी परंतु धरातल पर अपेक्षित कार्य नहीं हुआ।
भूजल स्तर में गिरावट
ब्लॉक बलियाखेड़ी
वर्ष भूजल में गिरावट (मीटर)
2016 10.24
2017 10.61
2018 10.71
2019 10.24
2020 10.99
ब्लॉक देवबंद
2016 08.93
2017 09.76
2018 09.76
2019 07.84
2020 07.24
ब्लॉक गंगोह
2016 17.38
2017 18.22
2018 18.91
2019 16.88
2020 16.49
ब्लॉक मुुजफ्फराबाद
2016 10.41
2017 09.81
2018 10.30
2019 10.11
2020 09.34
ब्लॉक नागल
2016 12.44
2017 13.81
2018 13.34
2019 12.31
2020 12.02
ब्लॉक नकुड़
2016 12.82 मीटर
2017 14.41
2018 14.61
2019 13.10
2020 12.22
ब्लॉक नानौता
2016 07.84
2017 07.71
2018 07.39
2019 05.83
2020 06.41
ब्लॉक पुवांरका
2016 11.60
2017 11.29
2018 11.57
2019 11.07
2020 10.72
ब्लॉक रामपुर मनिहारान
2016 07.40
2017 11.29
2018 08.26
2019 08.44
2020 06.70
ब्लॉक साढ़ौली कदीम
2016 07.80
2017 06.80
2018 07.03
2019 06.77
2020 07.73
ब्लॉक सरसावा
2016 08.29
2017 07.83
2018 07.84
2019 07.18
2020 07.76