सहारनपुर। पिलखनी राधा स्वामी सत्संग भवन में चल रहे दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के समाप्त होते हुए रूट डायवर्जन भी खत्म हो गया है। सहारनपुर-अंबाला मार्ग पर पूर्व की तरह वाहनों का आवागमन हुआ। वहीं, सरसावा रेलवे स्टेशन पर रुककर चलने वाली 32 ट्रेनों का स्टॉपेज भी खत्म हो गया।
पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन में सत्संग कार्यक्रम एक व दो सितंबर को हुआ। इसमें दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। यातायात व्यवस्था सुचारू रहे, इसके लिए यातायात पुलिस ने 31 अगस्त की रात आठ बजे से रूट डायवर्जन लागू कर दिया था, जो बृहस्पतिवार रात 10 बजे तक लागू रहा। इस अवधि के दौरान वाहनों को अलग-अलग रूटों से निकाला गया। केवल सहारनपुर-अंबाला पर सत्संग में आने वाले वाहनों को ही छूट दी गई।
सत्संग कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रूट डायवर्जन भी खत्म कर दिया है। पूर्व की तरह वाहनों का संचालन शुरू हो गया। सरसावा रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली छत्तीसगढ़, हिमगिरी, बेगमपुरा सहित 32 ट्रेनें का स्टॉपेज पर खत्म कर दिया है।
जेल चुंगी व मानकमऊ से संचालित हो रही रोडवेज बसें
पिछले दिनों बारिश के कारण पूर्व से चल रहे पुराने पुल के नीचे से मिट्टी खिसक गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों और मार्ग की दोनों लेन पर यातायात का संचालन कराया जाना संभव नहीं है। ऐसे में देहरादून बस स्टैंड से संचालित होने वाली सभी रोडवेज बसों का संचालन जेल चुंगी से कर दिया है। पुराना दिल्ली बस स्टैंड से यमुनानगर, अंबाला, गंगोह की ओर संचालित होने वाली बसों का मानकमऊ से शुरू किया है।
पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन में चल रहे दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम को लेकर किया गया रूट डायवर्जन समाप्त हो गया है। पूर्व की तरह वाहनों का आवागमन हो रहा है। - शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी यातायात